गड्ढामुक्त सड़कों का दावा जिले में कहीं धरातल पर पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। इसे केवल कागजों पर पूरा दिखाया जा रहा है। इस बात को जिम्मेदार विभाग के अलावा प्रशासनिक अधिकारी भी जान रहे है, लेकिन सब आंखे बंद कर बैठे है। ऐसी ही लापरवाही मधुबन तहसील के पांच किमी लंबा फतेहपुर-चंद्रापार मार्ग पर देखने को मिल रहा है। करोड़ों की लागत से महज करीब दो वर्ष पूर्व बनी सड़क गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। हालात यह है कि बीस से अधिक गांवों को जोड़ने वाली इस सड़क पर इन दिनों चलना वाहन राहगीरों के लिए किसी दुश्वारी से कम नहीं हैं। शिकायत करने के बाद भी जिम्मेदार इसको लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मधुबन तहसील के फतेहपुर मंडाव ब्लॉक के महुई, फतेहपुर, ढढवल पटराव, मोहिदीनपुर, कुतूबपुर, धनेवाचंद्रापार, मुहम्मदपुर सहित बीस से अधिक गांवों को जोड़ने के लिए पांच किमी लंबा फतेहपुर-चंद्रापार मार्ग का निर्माण अप्रैल 2019 में कराया गया था। यह निर्माण राशि करोड़ों रुपयों से बनी थी। लेकिन यह सड़क निर्माण के दौरान मानक के अनुरूप निर्माण सामग्री का प्रयोग न किए जाने से यह सड़क दो वर्ष से पहले ही कई जगहों से उखड़ चुकी है। वर्तमान में पांच किमी इस लंबे सड़क मार्ग पर जगह-जगह सड़क उखड़ने से इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सदस्य जिला पंचायत रोहित कुमार गौतम, रामू चौहान, अंगद मौर्या, वेद मौर्या, शिवचंद्र राजभर, संजय यादव का कहना है कि गड्ढामुक्त सड़क का दावा तो किया जा रहा है। लेकिन शिकायतों के बाद भी न तो मधुबन तहसील के अधिकारी इस समस्या को दूर कराने के लिए प्रयासरत है न ही जिला मुख्यालय। सुगम आवागन के लिए बनी सड़क बदहाली के चलते लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रही है।