मऊ। जिले में शीतलहर का कहर बुधवार को भी जारी रहा। सुबह के समय हल्की धूप निकली तो लोगों को मौसम साफ होने की आस जगी। लेकिन दोपहर बाद नगर में हल्की बारिश के बीच ओले पड़ने से ठंड बढ़ गई। लगभग एक घंटे बाद हल्की धूप निकलने से लोगों ने राहत की सांस ली।
कोहरे और शीतलहर का प्रकोप जारी रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। बुधवार को सुबह धुंध छाए रहने से लोग देर तक घरों में ही दुबके रहे। जिले के तापमान पर नजर डालें तो तो बुधवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम पारा 11 डिग्री सेल्सियस रहा। आद्रता 69 प्रतिशत रही। सुबह लगभग सात बजे आकाश में बादल छाए रहे। हल्की धूप निकलने से लोगों को ठिठुरते देखे गए। मध्याह्न के समय मौसम में बदलाव दिखा। हल्की बारिश होने के साथ ही ओले पड़ने से ठंड बढ़ गई। एक बार फिर हल्की बारिश होने से आलू, तिलहनी, दलहनी फसलों पर कीटों का प्रकोप होने की संभावना प्रबल हो गई है।
इस संबंध में नेफोर्ड के जिला प्रभारी तथा कृषि विशेषज्ञ संतोष कुमार मिश्र का कहना था कि शीतलर तथा कोहरे से गेहूं की फसल की बढ़वार होगी। लेकिन दलहनी, तिलहनी फसलों पर कीटों का प्रकोप हो सकता है। किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है। कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेकर रासायनिक दवा का छिड़काव करना चाहिए।
दो दिन मौसम खुलने के बाद फिर रिमझिम बारिश
दोहरीघाट। दो दिन धूप खिलने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी कि एक बार फिर बुधवार को रिमझिम बारिश के साथ ठंड में बढ़ोतरी हो गई। गेहूं की फसल के लिए तो यह बारिश संजीवनी है, लेकिन सरसों के फसल के लिए नुकसानदायक है। किसान के लिए एक तरफ खुशी है तो दूसरी तरफ उदासी है। ठंड में इजाफा होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। बुधवार को दोहरीघाट नगर गोठा सहित जगहों पर लोगों की चहल-पहल कम देखी गई। बरसात होने से पशुओं के लिए चारा संकट सबसे बड़ी समस्या बनकर उभरा है। रास्तों पर कीचड़ होने से लोगों के आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।