मऊ। नोडल अधिकारी/प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग उप्र शासन मुकेश कुमार मेश्राम की अध्यक्षता में कोविड-19 टीकाकरण, इलाज, संक्रमण से बचाव एवं उसकी रोकथाम के संबंध में समीक्षा बैठक बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई। निराश्रित गोवंश के बारे में जानकारी ली। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्य में काफी लापरवाही मिलने पर नाराजगी व्यक्त किया।
बैठक में नोडल अधिकारी ने कोविड-19 हास्पिटल, आसुलेशन बेड, ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन कंसंन्ट्रेटर सहित अन्य संबंधित बिंदुओं के बारे में जानकारी ली। नोडल अधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी को सभी आक्सीजन कसंट्रेटर को सक्रिय रखने का निर्देश दिया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिया कि जितने पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं उनको प्रथम डोज, द्वितीय डोज एवं जिनको एक भी डोज का टीका नहीं लगा है उसकी जानकारी रखें। इसके उपरांत यह भी निर्देश दिया कि निगरानी समिति के माध्यम से जितने कोविड-19 पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं उनमें से कितने दूसरे राज्य से आए हैं इसकी भी जानकारी रखें। उक्त अवसर पर नोडल अधिकारी द्वारा बताया गया कि जिस व्यक्ति के पास सेनेटाइजर नही है वह साबुन के घोल बनाकर उसका उपयोग सेनेटाइजर के रूप में कर सकते है।
नोडल अधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी को सभी 18 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियो को शत-प्रतिशत प्रथम डोज एवं 75 प्रतिशत व्यक्तियों को द्वितीय डोज जल्द से जल्द लगवाने के निर्देश दिये। इसके उपरांत नोडल अधिकारी द्वारा समस्त निगरानी समितियों को मोबाइल फोन पर एक लिंक के माध्यम से कोविड-19 से जुडी सभी जानकारी उपलब्ध कराने के एवं आम नागरिकों को जागरूक करने का निर्देश दिया। इसमें जो भी निगरानी समिति उत्कृष्ट कार्य करेगी उनको पुरस्कृत करने का निर्देश दिया। बैठक में नोडल अधिकारी द्वारा कोविड-19 से जिस व्यक्ति की मृत्यु होती है उसकी डेथ आडिट कराने एवं प्रत्येक कोविड पॉजिटिव व्यक्तियों को मेडिकल किट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। नोडल अधिकारी ने ठंड के मद्देनजर रैन बसेरो में समुचित व्यवस्था तथा चिंहित स्थानों पर अलाव की भी व्यवस्था कराने का निर्देश दिया।इस अवसर पर नोडल अधिकारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से निराश्रित गोवंश के बारे में जानकारी ली। उनके कार्य में काफी लापरवाही मिलने पर नाराजगी व्यक्त किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी अरूण कुमार, मुख्य विकास अधिकारी राम सिंह वर्मा, अपर जिलाधिकारी भानु प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।