रोडवेज परिसर में नए भवन तथा प्लेटफार्म के निर्माण के बाद भी चालकों की मनमानी के कारण यात्रियों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को बस पकड़ने के लिए अच्छी खासी कसरत करनी पड़ रही है। स्थिति यह है कि चालक रोडवेज परिसर के बाहर सड़क पर बसें खड़ी कर सवारी भर रहे हैं। इससे वहां कई बार जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उधर, यात्रियों को गंतव्य के लिए बस खोजने में भटकना पड़ता है। हालांकि रोजवेज परिसर में पुराने भवन का मलबा हटा दिया गया है। इसके बावजूद रोडवेज प्रशासन की शिथिलता के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय डिपो से हर रोज लगभग 47 बसों का संचालन होता है। काफी संख्या में बस स्टेशन से होकर वाराणसी, गाजीपुर, बलिया, आजमगढ़, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर के लिए गुजरती हैं। स्टेशन परिसर में पुराने भवन और कार्यशाला को ध्वस्त कर मलबा छोड़ दिया गया था। दो माह बाद परिसर से मलबा हटा दिया गया है। इसके बाद भी परिसर में बने प्लेटफार्म से बसों का संचालन प्रारंभ नहीं हो पाया है। इसके चलते अधिकांश बस चालक मुख्य मार्ग पर ही बसों को लगा रहे हैं। इस संबंध में एआरएम रमेश चंद्र ने बताया कि परिसर में मलबा हटाने के बाद फर्श व पानी के लिए बोरिंग का काम किया जा रहा है। परिसर में स्थित डीजल पंप हटाने की कवायद की जा रही है। इसके बाद ही प्लेटफार्म से बसों का संचालन किया जाएगा।