गांव से लेकर नगर तक सड़कों पर घूमने वाले छुट्टा पशु अब आफत बनने लगे हैं। समस्या पर नियंत्रण न होने से इनकी संख्या बढ़ती जा रही है। छुट्टा पशुओं के झुंड सड़कों के बीच जमे रहने से वाहन चालकों के लिए परेशानी बढ़ गई है। शिकायतों के बाद भी प्रशासन के पास इस समस्या से निपटने का कोई समाधान नहीं है।
ग्रामीण क्षेत्र की अधिसंख्य सड़कों पर छुट्टा आसानी से घूमते दिखाई देते हैं। इन दिनों यह समस्या परदहा ब्लॉक के बढुआ गोदाम, कहिनौर, कुसमौर, पिपरीडीह, रैकवारेडीह, इटौरा, बबुआपुर सहित विभिन्न मार्गों पर देखने को मिल रही हे। यह मार्ग इन दिनों छुटा पशुओं की शरणस्थली बना हुआ है। बीच सड़क पशुओं के जमावड़े से गुजरने वाले वाहन चालकों के साथ पैदल राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय अंधेरा होने से वाहन चालकों की पशुओं से टकराने की घटनाएं आम हो गईं हैं। वहीं दिन के समय पशुओं के सड़क पर होने के चलते जाम की समस्या बनती है, इससे यातायात प्रभावित होता है। स्थानीय निवासी ओमप्रकाश सिंह, हीरा राम, रजापत प्रजापति, संजय सिंह, सुनील पांडेय आदि का कहना है कि शासन से छुटा पशुओं को पशु आश्रय केंद्र में रखने का निर्देश है, लेकिन शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार इस पर ध्यान नहीं दे रहे।