मऊ। स्वाथ्य विभाग की तरफ से जिले में अभियान चलाकर क्षय रोगियों को खोजने और उनका इलाज किया जा रहा है। अभियान के तहत घर-घर जाकर क्षय रोगियों की पहचान करने के साथ उनके इलाज के लिए दवाएं मुहैया कराने के साथ उन्हें निक्षय पोषण योजना के तहत पोषण राशि दी जा रही है। लेकिन वर्तमान में जिले के 969 रोगियों को दो माह का पोषण भत्ता नहीं मिल सका है। इस कारण कई रोगी विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। जबकि कई रोगी ऐसे हैं जिनका खाता संख्या और बैंकिंग डाटा स्वास्थ्य विभाग को नहीं मिला है। जिसके कारण वह इस राशि पाने से वंचित हो रहे हैं।
जिले में क्षय रोग से पीड़ित रोगियों की संख्या 2491 है। इन्हें पोषण सहायता देने के लिए शासन की तरफ से निक्षय पोषण योजना के तहत उन्हें पांच सौ रुपये प्रतिमाह दिया जा रहा है। लेकिन एनएचएम के बैंक खाता का एकीकरण किए जाने के कारण पिछले दो माह से 969 रोगियों के खाते में पैसा ट्रांसफर नहीं हो सका है। जबकि 458 रोगियों का बैंक डिटेल ना होने के कारण उन्हें लाभ नहीं मिल सका है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसपी अग्रवाल ने बताया कि क्षय रोग के खात्मे को लेकर टीबी हारेगा देश जीतेगा के उद्देश्य से जनपद में अभियान चलाया गया। इसके तहत टीबी रोगियों की पहचान की गई है उस इससे बचाव और उन्मूलन को लेकर प्रचार-प्रसार और कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। एनएचएम के बैंक खाता का एकीकरण किया गया है, जिसके कारण 969 रोगियों के खाते में पोषण राशि लंबित में हैं। जल्द ही उनके खातों में यह राशि भेज दी जाएगी। पंजीकृत 458 ऐसे रोगी हैं जिनके बैंक खाता उपलब्ध नहीं है। बताया कि इस योजना के तहत क्षय रोगी को पौष्टिक और स्वच्छ आहार खरीदने के लिए यह धनराशि दी जा रही है।