मऊ। स्थानीय रेलवे जंक्शन के पास बनी रेलवे कालोनी की हालत दयनीय हो गई है। 20 से अधिक आवास में बारिश के समय छत से पानी टपकता है। कई क्वार्टर की छतों पर बड़ी-बड़ी घास उग आई है। इतना ही नहीं परिसर में बने गड्ढों में पानी भरकर सड़ रहा है। इससे वहां रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया जा सका है।
मऊ जंक्शन के पास 300 रेलकर्मियों और अधिकारियों के आवासीय भवन बने हैं। परिसर के दक्षिणी तरफ कर्मचारियों के लिए बनाए गए लगभग 20 से अधिक आवास में बारिश के समय छत से पानी टपकता है। काफी समय पहले बने यह आवास काफी जर्जर हो गए हैं। परिसर में आवास को निष्प्रयोज्य भी घोषित किया गया है। दयनीय हालत में पहुंच चुके इन आवासों में रहने वाले मजबूरी में समय काटते दिखाई दे रहे हैं। कई भवनों की छतों पर घासें उग आई हैं। इसके साथ ही परिसर में क्वाटर्स के पास उगी झाड़ियों में विषैले जंतुओं का भय बना हुआ है। कालोनी वासियों का कहना है कि कई बार इस संबंध में शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। रेलवे कालोनी के दक्षिणी तरफ बनाए गये क्वार्टर में रहने वाले मुहम्मद इब्राहिम का कहना है कि भवन काफी पुराना होने के कारण जर्जर स्थिति में है। बारिश के समय कई स्थानों से छत से पानी टपकता है। रेलवे कैरेज विभाग में कार्यरत रीता ने बताया कि क्वार्टर में कई स्थानों पर मरम्मत की आवश्यकता है। प्लास्टर टूट गए हैं, काफी समय से देखरेख के अभाव में क्वार्टर काफी जर्जर अवस्था में है। रेलवे में पेंटर का काम करने वाले मो.अली ने बताया कि इनकी मरम्मत के लिए कई बार संबंधित से शिकायत भी की गई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं है। विद्यावती ने बताया कि आवास के छतों पर बड़ी-बड़ी घासें उग आई हैं। बारिश में छत से पानी टपकने लगता है। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अभी हाल ही में परिसर में बने कई क्वार्टर की मरम्मत का कार्य कराया गया है। कर्मचारियों के लिए बने आवास में कुछ समय पूर्व में भी कई भवनों की मरम्मत का कार्य कराया गया था। बताया कि फिर से आवास में जर्जर पड़े मकानों की मरम्मत और सफाई का कार्य कराया जाना है। तीन-चार दिन में कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।
सफीउल्लाह अंसारी, आईओडब्ल्यू पूर्वी
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जर्जर क्वार्टर, छतों पर उगी घास, मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे रेलवे कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मऊ। स्थानीय रेलवे जंक्शन के पास बनी रेलवे कालोनी की हालत काफी खस्ता हो गई है। कई क्वार्टर की छतों पर बड़ी-बड़ी घास उग आई हैं। इतना ही नहीं परिसर में बने गड्ढों में पानी भरकर सड़ रहा है। इससे वहां रहने वाले लोगों को तमाम समस्याओं जूझना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया जा सका है।
मऊ जंक्शन के पास 300 रेलकर्मियों और अधिकारियों के आवासीय भवन बने हैं। परिसर के दक्षिणी तरफ कर्मचारियों के लि ए बनाए गए लगभग 20 से अधिक आवास में बारिश के समय छत से पानी टपकता है। काफी समय पहले बने यह आवास काफी जर्जर हो गए हैं। परिसर में आवास को निष्प्रयोज्य भी घोषित किया गया है। खस्ता हालत में पहुंच चुके इन आवासों में रहने वाले मजबूरी में समय काटते दिखाई दे रहे हैं। कई भवनों की छतों पर घासें उग आई हैं। इसके साथ ही परिसर में क्वार्टर्स के पास उगी झाड़ियों में विषैले जंतुओं का भय बना हुआ है। कालोनी वासियों का कहना है कि कई बार इस सम्बंध में शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जिम्मेदार महज खानापूर्ति कर कर्तव्यों की इतिश्री कर लेते हैं। रेलवे कालोनी के दक्षिणी तरफ बनाए गये क्वार्टर में रहने वाले मुहम्मद इब्राहिम का कहना है कि भवन काफी पुराना होने के कारण काफी बुरी स्थिति में है। बारिश के समय कई स्थानों से छत से पानी टपकता है। रेलवे कैरेज विभाग में कार्यरत रीता ने बताया कि क्वार्टर में कई स्थानों पर मरम्मत की आवश्यकता है। प्लास्टर टूट गए हैं, काफी समय से देखरेख के अभाव में क्वार्टर काफी जर्जर अवस्था में है। रेलवे में पेंटर का काम करने वाले मो.अली ने बताया कि इनकी मरम्मत के लिए कई बार संबंधित से शिकायत भी की गई लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं है। विद्यावती ने बताया कि आवास के छतों पर बड़ी-बड़ी घासें उग आई हैं। बारिश में छत से पानी टपकने लगता है। इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कोट
आईओडब्ल्यू पूर्वी सफीउल्लाह अंसारी का कहना है कि अभी हाल ही में परिसर में बने कई क्वार्टर की मरम्मत का कार्य कराया गया है। कर्मचारियों के लिए बने आवास में कुछ समय पूर्व में भी कई भवनों की मरम्मत का कार्य कराया गया था। बताया कि फिर से आवास में जर्जर पड़े मकानों की मरम्मत और सफाई का कार्य कराया जाना है। तीन-चार दिन में कार्य प्रारंभ करा दिया जाएगा।