मथुरा। उप्र में नाबालिगों को वाहन चलाने से रोकने के लिए सरकार द्वारा विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अब विद्यार्थियों को भी सड़क सुरक्षा नियमों से अवगत कराया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में रोड सेफ्टी क्लब का गठन होगा। पुलिस भी विद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को जागरूक करेगी।
बाइक और कार चलाने पर रोक लगाने और सड़क दुर्घटनाओं में बच्चों को बचाने के लिए स्कूलों में रोड सेफ्टी क्लब के गठन की कवायद तेज हो गई है। स्कूलों की हर कक्षा में एक छात्र को रोड सेफ्टी कैप्टन बनाया जाएगा। कैप्टन की ओर से बच्चों को सड़क सुरक्षा विषय पर हर सप्ताह क्लास ली जाएगी। इसके साथ ही विद्यालय प्रबंधन के साथ मिलकर परिवहन विभाग विशेष अभियान चलाएगा और ऐसे विद्यार्थियों के वाहनों का चालान करेगा जो नियम विपरीत उसे लेकर आ रहे हैं। हर तीन महीने में विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक होगी।
वाहन स्कूल में लाने पर प्रतिबंध लगाया
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव की ओर से बीते मंगलवार को सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे सर्कुलर में कहा गया है कि माध्यमिक स्कूलों में 18 वर्ष से कम आयु के छात्र-छात्राओं को स्कूलों में स्कूटी या मोटरसाइकिल या कार लाने पर तत्काल रोक लगाई जाए। 50 सीसी से कम क्षमता वाले मोटरसाइकिल को इस प्रतिबंध से मुक्त रखा गया है। ऐसा करने की वजह बच्चों को हादसों से बचाना है।
सभी प्रधानाचार्यों को आदेशित किया गया है कि वह विद्यालय में रोड सेफ्टी क्लब का गठन करते हुए एक रोड सेफ्टी कैप्टन भी बनाएं। ताकि बच्चों को सड़क हादसों में बचाया जा सके।
-भास्कर मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक