मथुरा। विश्व के अनेक देशों में संस्कृत भाषा को ज्ञान व विज्ञान की भाषा के रूप में स्वीकार किया गया है। संस्कृत, संस्कृति और संस्कार देश की जरूरत है। यह विचार संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में संस्कृत भारती के ब्रज प्रांत न्यास अध्यक्ष ओमप्रकाश बंसल ने व्यक्त किए।
किशोरी रमण डिग्री कॉलेज में संस्कृत भारती ब्रज प्रांत की ओर से आयोजित दस दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा को जन जन की भाषा बनाने के उद्देश्य से युवक, युवतियों में जाग्रति पैदा करने की आवश्यकता है। प्राचार्य डॉ. रागनी अग्रवाल ने कहा कि महाविद्यालय की 60 बालिकाओं ने संभाषण शिविर में प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
उन सभी छात्राओं की संस्कृत भाषा में प्रस्तुतियों को देख कर गर्व की अनुभूति हो रही है। समारोह में संस्कृत भारती ब्रज प्रांत पत्राचार अभियान प्रमुख गणेश दत्त पांडेय, शिविर की संयोजक डॉ. पल्लवी सिंह, शिक्षण प्रमुख हरिश्चंद्र एवं महिला शिक्षण प्रमुख कोमल वर्मा, आरती राजपूत, महानगर अध्यक्ष आचार्य ब्रजेंद्र नागर, प्रचार प्रमुख रामदास चतुर्वेदी, गंगाधर अरोड़ा, हरस्वरूप यादव आदि उपस्थित मौजूद रहे।
इस अवसर पर छात्रा तनु, सुलेखा, दीया, लक्ष्मी, साक्षी, सिद्धि,संचारी, संस्कृति, ज्योति ने भी संस्कृत भाषा को लेकर अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किए। चित्रा,सोनम, सुलेखा, साक्षी,मिहि ने संस्कृत भाषा में नाटक प्रस्तुत किया। डॉ. बबीता, डॉ. कविता व डॉ. पूजा उत्साहवर्धन किया।