जेल से रिहाई के बाद रालोद नेता
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राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) नेता योगेश नौहवार की सोमवार को 80 दिन बाद जेल से रिहाई हुई। सैकड़ों की संख्या में समर्थक स्वागत के लिए जेल के मुख्य द्वार पर उनके स्वागत के लिए एकत्रित हो गए। पंचायत चुनाव के वक्त नौहझील के गांव मुड़लिया में रालोद कार्यकर्ताओं और नौहझील पुलिस के बीच झड़प हो गई थी। आरोप है कि रालोद कार्यकर्ताओं ने नौहझील पुलिस के साथ मारपीट की थी। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी सोनू चौधरी के साथ रालोद नेता योगेश नौहवार को भी नामजद किया गया था। संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर नौहझील पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी।
तत्कालीन थाना प्रभारी लोकेश भाटी ने 22 मई को रालोद नेता योगेश नौहवार को उनके राधापुरम स्टेट स्थित आवास से गिरफ्तार किया कर लिया था। उसी दिन से योगेश नौहवार जेल में बंद थे। मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहा है। 4 अगस्त को हाईकोर्ट से योगेश नौहवार की जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया। शुक्रवार को कागजी कार्रवाई में देरी के चलते रिहाई नहीं हो सकी थी।
सोमवार को रिहाई हुई। नौहवार की रिहाई की खबर सुनकर तकरीबन 5 बजे बड़ी संख्या में उनके समर्थक जेल के मुख्य द्वार पर पहुंच गए। इस मौके पर रालोद जिलाध्यक्ष बाबूलाल सिंह, युवा रालोद जिलाध्यक्ष उमेश चौधरी, मुकेश चौधरी, जयवीर सिंह, प्रताप पहलवान, जगवीर नौहवार, रविंद्र प्रधान, संजीव पहलवान, शोभित नरवार, रोहित प्रताप, जितेंद्र सिंह, रोहताश चौधरी, ईशान चौधरी, राजपाल भरंगर मौजूद रहे।
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