मथुरा। 77 करोड़ की परफार्मेंस ग्रांट की टेंडरिंग में मनमानी की खबर छपने के बाद पांच गांवों में से एक ग्राम प्रधान ने सचिव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गांव नगला हुमायूं के ग्राम प्रधान शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में चल रही ऊर्जा मंत्री की बैठक में पहुंच गए और सचिव की अपने चहेतों को टेंडर बेचने का आरोप लगाया। मामले को भांपते ही ऊर्जा मंत्री ने सीडीओ को परफार्मेंस ग्रांट की जांच के आदेश दिए हैं।
ग्राम पंचायतों को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उप्र सरकार द्वारा परफॉर्मेंस ग्रांट के लिए बलदेव ब्लॉक-ततरौता, मांट ब्लॉक-नगला हुमायूं देह, छाता ब्लॉक-पैगांव, गोवर्धन ब्लॉक-अडींग, मथुरा ब्लॉक-तोष का चयन किया गया। नाली, सड़क, खड़ंजा, पेयजल, पानी की टंकी, स्टेडियम, कचरा निस्तारण, जल शोधन यंत्र जैसे विकास कार्यों को कराया जाने के लिए 77 करोड़ रुपया मंजूर हुआ।
इन कामों के टेंडर बेचने का काम ग्राम पंचायत कार्यालयों को यानि कि ग्राम प्रधान को सौंपा गया था। लेकिन मांट के नगला हुमायूं के ग्राम प्रधान रवि के अनुसार सचिव यतिन शर्मा ने सिर्फ आखिरी तारीख 28 सितंबर को उनके कार्यालय पर आकर मात्र 42 टेंडर बिक्री रिकॉर्ड की। परंतु जब डीपीआरओ कार्यालय में टेंडर खुले तो उनकी संख्या 44 थी। जबकि उनके कार्यालय से बिके कई लोगों ने टेंडर डाले भी नहीं थे। सचिव द्वारा अपने चहेतों को काम दिलवाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया है।