मथुरा। पंचायत चुनाव के दौरान प्रशासक बने एडीओ द्वारा ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराए जाने के नाम पर लाखों रुपये निकालकर ग्राम प्रधानों के खाते खाली कर दिए। ग्राम प्रधान की कुर्सी संभालने के बाद प्रधानों ने इसकी शिकायत अधिकारियों से की। शिकायत के बाद शासन ने 25 लाख से अधिक रकम निकालने वाले एडीओ की जांच तय कर दी है। इससे कम रकम निकालने वालों की जांच प्रशासनिक स्तर से कराई जाएगी।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव शुरू होते ही आचार संहिता लग गई थी। ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी रिसीवर के रूप में एडीओ पंचायतों को दे दी गई थी। इस दौरान अधिकतर एडीओ ने ग्राम पंचायतों के विकास के नाम पर प्रधानों के खाते खाली कर दिए। चुनाव की प्रक्रिया के बाद जब नए प्रधानों ने पदभार संभाला और खाते देखे तो वह खाली मिले। ग्राम प्रधानों ने इसकी शिकायत स्थानीय अधिकारियों को दी लेकिन कोई संज्ञान न लिए जाने पर शासन से भी इसकी शिकायत की। शिकायत पर गंभीर होते हुए शासन ने 25 लाख से अधिक की धनराशि निकाले जाने की जांच करने का आदेश दिया है। इसकी भी जांत होगी कि मोटी रकम निकाली लेकिन विकास कार्य नहीं हुआ।
ग्राम पंचायत उस्फार व बमूरी आदि के ग्राम प्रधानों ने शिकायत की है कि बिना विकास कार्य कराए ही खाते खाली हैं और जो पैसा निकाला गया है, उनसे एडीओ द्वारा कोई काम नहीं कराया गया है। शिकायत के बाद 25 लाख से अधिक रकम निकालने वाले एडीओ के कामों की जांच की जा रही है।
- डॉ. नितिन गौड़, सीडीओ मथुरा