मथुरा। 21 सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को रालोद ने तहसील पर धरना-प्रदर्शन करते हुए मटके फोड़े। प्रदेश की भाजपा सरकार को जमकर कोसा। ढाई घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद रालोद पदाधिकारियों ने राज्यपाल को नामित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा।
रालोद मुखिया जयंत चौधरी के आह्वान पर पूरे प्रदेश में तहसीलों पर धरना-प्रदर्शन किए गए। इन प्रदर्शनों के माध्यम से प्रदेश सरकार को ललकारा गया। शनिवार को मथुरा तहसील पर जिलाध्यक्ष बाबूलाल और वरिष्ठ रालोद नेता डॉ. अशोक अग्रवाल के नेतृत्व में रालोद ने प्रदेश सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की।
वरिष्ठ रालोद नेता अशोक ने कहा कि मथुरा फरह कोह गांव एवं जचौंदा में महामारी बीमारी होने से बच्चों की मौतों को गंभीरता से लें। किसानों के ट्यूबवेल के बिल माफ हों। गन्ने का भुगतान तुरंत हो। किसानों को सब्सिडी पर डीजल दिया जाए। किसानों की फसलों से पशुओं को दूर करने का प्रबंध हो। सभी 21 मांगों न माने जाने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी।
प्रदर्शन में ताराचंद गोस्वामी, नरेंद्र सिंह एडवोकेट, गौरव मलिक, राजेश शर्मा, लोकेश शर्मा, सचिन गोस्वामी, धनेश त्रिवेदी, मनोज शर्मा, रविंद्र नरवर, मंगल नरवार, चौधरी अंकित पचहरा, अनुराग चौधरी, विश्वेंद्र सिंह, विनय सिंह, बबलू, अमित गुर्जर, अमित, आलोक सिंह, पवन गोला आदि हैं।