मथुरा के फालैन गांव में होलिका दहन की परंपरा बिल्कुल अलग है। आज भी यहां हिरण्यकश्यप और भक्त प्रहलाद की होलिका दहन की परंपरा निभाई जाती है. इसी परंपरा के तहत आज यहां होलिका से धधकती आग से होकर पंडा गुजरे, तो भक्त प्रह्लाद के जयकारों से गांव की गलियां गूंज उठीं।
फालैन में होली पर एक बार फिर भक्त प्रह्लाद की लीला जीवंत हो उठी। मोनू पंडा जब धधकती होली के अंगारों से गुजरे तो वहां मौजूद लोग यह दृश्य देखकर दंग रह गए। इसे देखने के लिए देश-विदेश से आए हजारों लोग साक्षी बने। इस दौरान होलिका माता और भक्त प्रह्लाद के जयकारे से वातावरण धर्ममय रहा।
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फालैन में शुक्रवार की तड़के चार बजकर 37 मिनट पर लग्नानुसार तप में तल्लीन मोनू पंडा ने अखंड दीपक की लौ पर होलिका से गुजरने की इजाजत मांगी। होलिका में प्रवेश की लग्न प्रारंभ होते ही श्रद्धालुओं का सैलाब होलिका के आसपास उमड़ पड़ा। मंत्रोच्चार के बीच मोनू पंडा बार-बार दीपक पर हाथ रख होलिका में प्रवेश की इजाजत मांगी। करीब सवा घंटे बाद दीपक की लौ से मोनू पंडा को शीतलता का आभास हुआ तो उन्होंने प्रह्लादजी महाराज की जयघोष की।
मोनू पंडा का इशारा मिलते ही होलिका में अग्नि प्रवेश कराई गई। कुछ ही देर में धधक उठी होलिका के ताप से हर कोई छिपने को मजबूर हो गया। प्रह्लादजी की माला गले में धारण कर मोनू पंडा ने प्रह्लाद कुंड में स्नान कर होलिका की ओर दौड़ लगा दी। वे 15 फुट ऊंची होलिका पर कुल 19 कदम रखकर सकुशल प्रह्लादजी के मंदिर में जा पहुंचे। पंडा के सकुशल मंदिर में पहुंचते ही सैलाब ने भक्त वत्सल भगवान के जयघोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। एसडीएम कमलेश गोयल, सीओ वरुण कुमार, प्रभारी निरीक्षक संजय त्यागी, लेखपाल अजित सिंह अधीनस्थों के साथ व्यवस्थाओं में जुटे रहे।