मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण ने अपनी तीन आवासीय योजनाओं को नगर निगम के हवाले कर दिया है। इन तीनों आवासीय योजनाओं की अवस्था संबंधी आवश्यकता की पूर्ति के लिए 14.85 करोड़ रुपये भी विकास प्राधिकरण ने नगर निगम को दिए हैं।
पिछले दिनों मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण और मथुरा-वृंदावन नगर निगम के बीच एप्रूवड कॉलोनियों के हस्तांतरण पर सहमति बनी थी। इसमें 200 से अधिक कॉलोनियों का हस्तांतरण निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाना था। इसके लिए प्रथम चरण में विकास प्राधिकरण ने वृंदावन स्थित अपनी तीन आवासीय योजनाओं को नगर निगम के हवाले करने की योजना पर काम किया।
इसके लिए दोनों विभागों की संयुक्त टीमों ने वृंदावन स्थित कैलाश नगर, चैतन्य विहार फेज प्रथम, एवं फेज द्वितीय आवासीय योजना का संयुक्त निरीक्षण करते हुए अवस्थापना के अंतर्गत आवश्यक कार्यों की सूची तैयार की। इस सूची के तहत इन तीनों ही आवासीय योजनाओं में वर्तमान आवश्यकता के अनुसार मार्ग प्रकाश व्यवस्था, जलापूर्ति, सड़कें, सीवर, नाले नाली एवं सफाई व्यवस्था के लिए 14.85 करोड़ की आवश्यकता दर्शाई गई।
इस आवश्यकता को पूरा करने के लिए विकास प्राधिकरण ने नगर निगम को अवस्थापना संबंधी अनुरक्षण के रूप में 14.85 करोड़ रुपये जारी कर दिए हैं। इसी के साथ ही इन तीनों आवासीय योजनाओं को भी नगर निगम को दे दिया है। इससे अब वृंदावन की इन तीनों योजनाओं का विकास एवं अनुरक्षण एवं संचालन कार्य अब नगर निगम मथुरा-वृंदावन की ओर कराया जायेगा।
प्राधिकरण सचिव राजेश कुमार ने बताया कि वृंदावन की तीन कॉलोनियां अब नगर निगम को हस्तांतरित कर दी गई हैं। अब बाकी कॉलोनियों को भी हस्तांतरित करने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। ऐसी कॉलोनियों में बिल्डर की ओर से विकास कार्य नहीं कराये गये हैं, उनमें बंधक भू-खंडों को नीलाम करके विकास कार्य कराए जाएंगे।