उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में झोलाछाप के इलाज से जुकाम से परेशान युवक की मौत हो गई। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। शनिवार को चिकित्सा अधीक्षक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्लीनिक को सील कर दिया। कार्रवाई से अवैध क्लीनिक का संचालकों में अफरातफरी मच गई। कई तो अपनी दुकान बंद कर भाग गए।
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घटना घिरोर थाना क्षेत्र के हड़ाई गांव की है। शुक्रवार की शाम कस्बा निवासी पुष्पेंद्र सिंह को परिजन जुकाम की दवा दिलाने के लिए गांव के ही झोलाछाप ओम सिंह के पास लेकर आए थे। झोलाछाप ने युवक को एक इंजेक्शन लगाया। इसके कुछ देर बाद ही पुष्पेंद्र की मौत हो गई थी।
झोलाछाप के गलत इलाज से युवक की मौत के बाद परिजन की ओर से कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया गया था। तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की गई थी। शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर सीएचसी गोधना के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर प्रवीन कुमार टीम के साथ गांव हड़ाई पहुंचे।
इस दौरान क्लीनिक से झोलाछाप नदारद मिला। पुलिस बल की मौजूदगी में क्लीनिक को सील किया गया। इसके बाद टीम ने गांव मधन पहुंच कर अवैध क्लीनिक संचालन कर रहे लोगों पर कार्रवाई की। कार्रवाई से अवैध रूप से क्लीनिक संचालन कर रहे झोलाछाप दुकानें बंद कर भाग गए।