महोबा। प्रधानमंत्री आवास योजना में वित्तीय दुरुपयोग और गबन की 11 पर कार्रवाई के बाद शुरू हुए जांच में कांशीराम शहरी आवास योजना के बाद अब प्रधानमंत्री आवास योजना का भी लाभ लेने वाले लाभार्थी जांच घेरे में आएंगे। असलियत जानने के लिए जिला प्रशासन ने पत्रावली खंगालना शुरू कर दी है।
जनपद में साल 2016 से 2021 के बीच स्वीकृत 10601 आवासों और प्रथम, दितीय, तृतीय किस्त से प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने की शुरू हो रही जांच के दायरे में 27 00 कांशीराम शहरी आवास भी आएंगे। शहरी क्षेत्र महोबा में प्रथम सत्र में 1500 आवास बनाए गए थे। दूसरे सत्र में 300 आवास खरेला नगर पंचायत में, 300 चरखारी पालिका इलाके में बनाए गए थे। तीसरे चरण में 300 कुलपहाड़ और 300 आवास चरखारी के रूपनगर सहित कुल 2700 कांशीराम शहरी आवास बने थे। जिसमें अधिकतर आवासों का लाभार्थियों को आवंटन हो गया था।
इधर किस्त में हेरफेर के मामले में दो सेवानिवृत पीओ सहित 11 के विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई है। जिम्मेदार विभाग के कर्मियो की संदिग्ध भूमिका के चलते जिला प्रशासन ने पत्रावली को तलब कर हकीकत को सामने लाने के लिए दोनों योजनाओं के लाभार्थियों की सूची तैयार करवा रहा है।
अपर जिलाधिकारी नमामी गंगे प्रभारी डूडा परियोजना जुबेर बेग ने कहा की दोहरा लाभ लेना गरीबों को हक से वंचित करना है। एक व्यक्ति को एक ही योजना का लाभ मिलेगा। शहरी इलाके में बने पहले के आवासों को पात्रता में पाने के बाद कितने लाभार्थियों ने दोहरा लाभ लिया जांच से सामने आ जाएगा। जिसके बाद जिम्मेदार और लाभार्थियों पर धन वसूली की कार्रवाई करेंगे।