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दुकानों से भारतीयों को डर्टी पीपल कहकर भगा देते हैं यूक्रेनियन

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बेटे की सकुशल वापसी के लिए पूजा करतीं हेमेंद्र सिंह की मां शकुंतला। - फोटो : MAHOBA
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महोबा। यूक्रेन पर रूस के हमले के कारण जिले के दो छात्र यूक्रेन में ही फंसे हुए हैं। परिजनों से फोन पर संपर्क करते हुए विद्यार्थियों ने वहां के हालात पर जानकारी दी तो वे बच्चों की वापसी के लिए बेचैन दिखे। सैकड़ों विद्यार्थी बंकरों में ही फंस गए हैं। उन्हें खाने-पीने के सामान के लाले पड़ गए हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि यूक्रेन के लोग भारतीयों को नफरत भरी नजरों से देखते हैं। वह दुकान पर सामान लेने जाने पर भारतीयों को डर्टी पीपल कहकर भगा देते हैं।
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चरखारी के जयेंद्र नगर निवासी सेवानिवृत्त प्रोफेसर डॉ. चुन्ना सिंह के पुत्र हेमेंद्र सिंह यूक्रेन में फंसे हुए हैं। उनकी मां शकुंतला बच्चे की सकुशल वापसी के लिए घर में पूजा-पाठ कर भगवान से प्रार्थना कर रहीं हैं। हेमेंद्र ने परिजनों से बातचीत में बताया कि जैसे-2 समय बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे यूक्रेन के शहर खारकीव में फंसे भारतीय छात्रों की समस्या बढ़ती जा रही है। अभी तक केवल यूक्रेन के पश्चिमी भाग से छात्रों को निकालने की कोशिश की जा रही है, जो सेफ जोन में है जबकि खतरनाक स्थिति यूक्रेन के पूर्वी भाग में स्थित खारकीव और कीव शहर में है। यहां से छात्रों को निकालने के लिए भारतीय दूतावास द्वारा कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।
यहां रूसी सेना द्वारा गैस पाइप लाइन ध्वस्त कर दी गई है। जिससे अब जीवन का एक सहारा भोजन भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इक्का दुक्का दुकानों में भारतीयों को ‘डर्टी पीपल’ कह के भगा दिया जाता है। यूक्रेन की सेना द्वारा भारतीयों के प्रति किए जा रहे बुरे व्यवहार से ऐसा प्रतीत होता है कि वे लोग संयुक्त राष्ट्र की वोटिंग में भारत सरकार द्वारा यूक्रेन के पक्ष में वोट न डालने से क्षुब्ध हैं। अब तो यहां के भारतीय छात्र जिंदगी जीने की जंग लड़ रहे हैं। अब यदि खारकीव से 2-3 दिनों में छात्रों को नहीं निकाला जाएगा तो यहां छात्र भूख से दम तोड़ने लगेंगे। इसके अलावा जबसे रूस ने आवश्यकतानुसार परमाणु बम का प्रयोग करने की बात कह दी है, तब से छात्रों को अपने जीवन के प्रति उम्मीद कम होती दिख रही है।
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अपने साथियों के साथ लवीव जा रहे राज
पनवाड़ी (महोबा)। यूक्रेन में फंसे पनवाड़ी के ग्राम प्रधान संजय द्विवेदी के पुत्र राज द्विवेदी भी फंसे हैं। जिनसे परिजन रोजाना हालचाल ले रहे हैं। सोमवार को राज और उनके साथियों ने बताया कि अब यहां पर हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। वीडियो के माध्यम से छात्र ने बताया कि तीन भारतीय लड़कियों को अगवा कर लिया गया है। राज के अलावा भी और से छात्र-छात्राएं है जो डर और भय में है। एक स्थान पर क्षमता से अधिक लोग रह रहे हैं। राज के पिता संजय ने बताया कि बेेटे से दोपहर तीन बजे बात हुई है। बताया कि अपने साथियों के साथ वह लवीव के लिए निकल चुका है जहां देर रात पहुंचेंगे। इसके बाद वहां से तय करेंगे कि पोलैंड व रोमानिया, कहां के बॉर्डर पर जाना है। तहसीलदार संजीव राय ने राज के पहुंचकर उनके पिता से जानकारी ली।
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