महोबा। ऐतिहासिक तालाबों में उगी जलकुंभी अभिशाप है, इसको खत्म करने की कवायद शुरू हो गई है। जिले के ऐतिहासिक मदन सागर और कीरत सागर में 15-15 हजार ग्रास कॉर्प मछली छोड़ी गई हैं। यह मछली तालाब में उगने वाली घास को खाकर समाप्त करेगी, जिससे तालाब का पानी आसानी से नजर आएगा।
शहर की सुंदरता बढ़ाने के लिए पर्यटन के क्षेत्र में काम हो रहा है। वहीं ऐतिहासिक तालाबों को भी संवारने की कवायद की जा रही है। इसको लेकर मत्स्य विभाग ने मदन सागर और कीरत सागर में 30 हजार ग्रास कॉर्प मछली छोड़ी है। मत्स्य निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि ग्रास कॉर्प मछली अपने वजन से तीन गुना अधिक घास खाती है। दोनो तालाबों में मछलियों का शाम के समय छोड़ा गया है क्योंकि यह मछली अधिक तापमान में जिंदा नहीं रह सकती है। छह माह में यह मछली तालाब उगी जलकुंभी को पूरी तरह से साफ कर देगी।
इनसेट
तालाबों को संवारा जाएगा
जिले में बहुत से तालाब है जहां पर लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। वहीं देखरेख के अभाव में तालाब अपना वैभव खो रहे हैं। ऐसे तालाबों को संवारने के लिए जिलाधिकारी ने पहल की है। डीएम सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि ऐतिहासिक तालाबों की साफ-सफाई के साथ छोटे तालाबों को भी संवारा जाएगा। करीब 250 तालाब ऐसे हैं जिनको कायाकल्प किया जाएगा। तालाबों के कायाकल्प होने इन तालाबों का पट्टा कर लोगों को रोजगार से जोड़ा जाएगा।