महोबा। कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला करने के आठ वर्ष पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी 2016) अवनीश कुमार राय ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। दोष सिद्ध होने पर पिता-पुत्रों को अलग-अलग सजा व जुर्माना लगाया।
शहर कोतवाली क्षेत्र के बरातपहाड़ी गांव निवासी रतनलाल अपने पुत्र हरनाम सिंह के साथ वर्ष 2013 में बाड़े में सो रहा था। तभी रामदास, उसका पुत्र बृजेंद्र उर्फ बाबू व जगत और उनके मामा मुन्ना निवासी दुलारा महोबकंठ वहां पहुंच गए और गाली-गलौज करते हुए कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। जिससे हरनाम घायल हो गया ।आरोपी उसे मृत समझकर भाग निकले। पिता रतनलाल की तहरीर पर कोतवाली में जानलेवा हमला समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई।
अपर सत्र न्यायाधीश अवनीश कुमार राय की अदालत में चल रहे इस मुकदमे में सुनवाई के बाद दोषियों को अलग-अलग सजा का ऐलान किया गया। सहायक शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दोषी रामदास को सात वर्ष की कारावास व 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।
जुर्माना अदा न करने पर 70 दिन की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया। बृजेंद्र उर्फ बाबू व जगत को आठ-आठ वर्ष की सजा व 11-11 हजार रुपये जुर्माना सुनाया गया। जुर्माना अदा न करने पर 80-80 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। अभियुक्त मुन्ना को दस वर्ष के कारावास व 13 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने पर 100 दिन की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।