शहर के आल्हा चौक की प्रतिमा के नीचे बैठकर धरना देते कांग्रेसी।
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महोबा/ पनवाड़ी। लखीमपुर खीरी में हुई किसानों की हत्या और प्रियंका गांधी को किसानों के परिजनों से मिलने की अनुमति न देने एवं उनको रोकने के विरोध में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। वहीं पनवाड़ी में कांग्रेसी नेताओं को उनके आवास पर ही नजरबंद दिया गया।
बुधवार को लखीमपुर खीरी प्रकरण के मामले में कांग्रेसियों ने प्रियंका गांधी के पुलिस हिरासत में लिए जाने के विरोध में मुख्यालय के आंबेडकर पार्क एवं आल्हा चौक में धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए। पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तहसील में बैठाए रखा। अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष बृजराज सिंह ने कहा कि प्रदेश आपातकाल जैसे हालात हो चुके हैं। जिला उपाध्यक्ष संतोष धुरिया ने कहा हम किसानों की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ेंगे। इस मौके पर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शकीला बानो, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव, किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश विश्वकर्मा, आरटीआई जिलाध्यक्ष रविंद्र राजपूत, संजीव यादव, अरविंद चौधरी, अजय कुमार कोली, अभिषेक यादव आदि कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे । पनवाड़ी संवाद के अनुसार कांग्रेसी नेता निर्दोष दीक्षित को कार्यकर्ताओं सहित पनवाड़ी पुलिस द्वारा नजरबंद कर दिया गया। निर्दोष दीक्षित ने बताया कि वह अपने कार्यकर्ताओं के साथ गिरफ्तारी देने के लिए महोबा रवाना हो रहे थे। लेकिन जैसे ही वह घर से निकले तो पुलिस ने उन्हे रोक लिया। इस मौके पर हरिश्चंद्र राजपूत, प्रियंका राजपूत, शैलेंद्र विश्वकर्मा नीरज मिश्रा सहित आधा सैकड़ा कार्यकर्ता मौजूद रहे।