महोबा। ब्लॉक सभागार कबरई में एक दिवसीय किसान जागरूकता कार्यशाला व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को औषधीय खेती के लाभ व मुनाफे की जानकारी दी गई। कृषि के सतत विकास में औषधीय व सगंध फसलों की भूमिका विषय पर आयोजित कार्यशाला में किसानों को औषधीय खेती के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में प्रौद्योगिकी व व्यापार विकास विभाग लखनऊ के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. आलोक कुमार कृष्णा ने कहा कि हर्बल वेल्यू चेन में उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक के कार्य किए जा सकते हैं। इससे जुड़े कृषि व्यवसाय जैसे बकरी पालन, मुर्गी पालन, गो पालन व मछली उत्पादन के काश्तकारों को इस हर्बल वैल्यू चेन से जोड़ा जाएगा। कहा कि किसानों की आय में चार गुना वृद्धि का लक्ष्य लेकर बुंदेलखंड के सातों जिलों में विकास मॉडल स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए पहला विकास मॉडल जनपद झांसी में एसआईआरडी के सहयोग से स्थापित किया जाएगा। साथ ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के माध्यम से प्रत्येक जिले को हर्बल हब के रूप में विकसित कर बाजार से जोड़ा जाएगा।
केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मथुरा के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. अनुपम कृष्ण दीक्षित ने कहा कि बुंदेलखंड में कालमेघ, सतावर, अश्वगंधा, सर्पगंधा, सहजन, तुलसी, नीम समेत अन्य औषधीय पौधों को बढ़ावा देकर उत्पादन का हब बनाया जाएगा। इससे घर बैठे लोगों को रोजगार का सृजन का होगा। उन्होंने क्षेत्र में बकरी पालन से आय वृद्धि व रोजगार की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
कार्यक्रम में 120 किसानों ने प्रतिभाग कर प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान अतिथियों ने रोडमैप के कवर पेज का विमोचन किया। इस मौके पर सीडीओ हरिचरण सिंह, डीडीएम केके सोनी, कृषि वैज्ञानिक जितेंद्र सिंह, संदीप विद्रोही, वीरेंद्र कुमार सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।