ओपीडी में उल्टी-दस्त, बुखार के मरीज बढ़े
बढ़ते तापमान के कारण कमजोरी महसूस होने, पेट खराब होने के मामलों में 10 से 15 फीसदी की वृद्धि दिख रही
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिला अस्पताल के ओपीडी में इन दिनों उल्टी-दस्त, बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। औसतन एक डॉक्टर के कक्ष में 30 से 40 मरीज आ रहे हैं। गंभीर स्थिति होने पर उल्टी-दस्त बुखार के 10 मरीजों को भर्ती किया गया है। अन्य को जांच के बाद दवा देकर घर भेज दिया जा रहा है। एईएस के तीन मरीज भर्ती हैं। डॉक्टर, लोगों को बढ़ती गर्मी में पानी का सेवन अधिक करने की सलाह दे रहे हैं। बढ़ते तापमान के कारण कमजोरी महसूस होने, मांसपेशियों में ऐंठन, पेट खराब होने के मामलों में 10 से 15 फीसदी की वृद्धि दिख रही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) से लेकर उल्टी, सिरदर्द, तेज बुखार, पेट दर्द, डायरिया की परेशानी लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। ओपीडी में ऐसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। कुछ को इमरजेंसी में भी उपचार के लिए लाया जा रहा है। डिहाइड्रेशन की समस्या वाले मरीज इमरजेंसी में भी सामने आए हैं। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट के असंतुलित होने पर दस्त और रक्तचाप के कम होने की समस्या मरीजों में देखने को मिल रही है। इनमें ज्यादातर ऐसे मरीज हैं, जो दिनभर बाहर धूप में रहकर काम करते हैं। कार्य स्थल तक पहुंचने के लिए गर्मी में पैदल चलते हैं। ऐसे लोगों में गर्मी का प्रभाव ज्यादा देखने को मिलता है। इन दिनों औसतन एक दिन में करीब 600 से ज्यादा मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में अपने बेटे को दिखाने आए रत्नेश कुमार ने बताया कि कुछ दिन से बेटा खुद को अस्वस्थ महसूस कर रहा था। पेट में दर्द, चक्कर आने, घबराहट और बुखार की शिकायत थी। पहले तो पास के मेडिकल स्टोर से दवा ली थी। राहत नहीं मिली तो अस्पताल में आया हूं।
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दिन में तीन से चार लीटर पानी पीना चाहिए
डॉ. एवी त्रिपाठी बताया कि इस दौरान गर्मी से सबसे बड़ा बचाव पानी है। बड़ों को दिन में तीन से चार लीटर पानी पीना चाहिए। पांच साल से ऊपर के बच्चों को भी कम से कम तीन लीटर पानी पीना चाहिए। पानी के अलावा तरल चीजें जैसे छाछ, दही, नारियल पानी, आम का पना आदि ले सकते हैं।
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लू लगने पर यह करें
--पानी की कमी दूर करने के लिए तरल चीजें लें।
--एक लीटर पानी में ओआरएस घोलकर रख लें और थोड़ा-थोड़ा पीते रहें।
--बच्चा पेशाब नहीं कर रहा, सुस्त हो रहा है तो डाक्टर को दिखाने में देरी नहीं करें।
-बुखार उतारने के लिए दवा के साथ गीले कपड़े से शरीर को पोछें।
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ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक इलाज की बेहतर व्यवस्था है। गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाता है। बुखार, उल्टी, दस्त के मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज किया जा रहा है। सभी चिकित्सकों को दायित्व के प्रति सचेत रहने का निर्देश दिया गया है।
- डॉ. एएम भाष्कर, सीएमएस, जिला अस्पताल