महराजगंज। बारिश न होने के कारण उमस भरी गर्मी का सितम जारी है। रविवार को मौसम का मिजाज देखकर लोगों को उम्मीद थी कि बारिश हो सकती है और मौसम कुछ ठंडा हो सकता है। बावजूद बारिश न होने के कारण लोगों को राहत नहीं मिली जिससे लोग गर्मी झेलने के लिए मजबूर रहे। रविवार को अधिकतम तापमान 33 डिग्री रिकार्ड किया गया।
सितंबर महीने का पहला पखवारा बीत चुका है। बावजूद मौसम की तपिश बरकरार है। हवा न चलने के कारण उमस सुबह से ही तेज रही। हालांकि धूप थोड़ी कमजोर जरूर रही, लेकिन इसका कोई असर तापमान पर नहीं दिखा। घर में पंखा और कूलर के पास बैठकर भी लोगों को पसीने से छुटकारा नहीं मिल सका। घर से बाहर निकलने पर भी गर्मी ने लोगों को बेहाल ही रखा। बादल तो घिरते नजर आ रहे हैं, लेकिन बिना बरसे ही वापस हो जा रहे हैं। बारिश न होने के कारण किसानों को भी निराशा है। धान की फसल के लिए बारिश जरूरी है, लेकिन मानसून के दगा देने के कारण उन्हें निजी साधनों के जरिए सिंचाई करनी पड़ रही है। सब्जियों की फसल भी सिंचाई के सहारे बचाने के लिए कृषक विवश हैं। जवाहर लाल नेहरू पीजी कालेज में भूगोल विभागाध्यक्ष दिवाकर सिंह का कहना है कि बारिश की संभावना पिछले कई दिनों से बनी हुई है, लेकिन वर्षा न होने से तापमान पूर्ववत बना हुआ है। बारिश होने के बाद ही लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। संवाद