सात्विक विचारों की उत्पत्ति का माध्यम है आध्यात्म : नरेंद्र
महराजगंज। आध्यात्म सात्विक विचारों की उत्पत्ति का माध्यम है। स्वयं, परिवार, समाज व देश के कल्याण के लिए सभी को इससे जुड़ना चाहिए। इससे जुड़कर जहां हम सुधारात्मक कार्य को बढ़ावा दे सकेंगे, वहीं दूसरों को भी प्रेरित करेंगे।
ये बातें बुधवार को मऊपाकड़ के नवीन मंडी परिसर में चल रहे चार दिवसीय गायत्री महायज्ञ के समापन अवसर पर शांतिकुंज हरिद्वार से आए टोली प्रमुख नरेंद्र सिंह ठाकुर ने कही। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार का उद्देश्य विश्व का कल्याण करना है। इसी को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर विविध आयोजन कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अध्यात्म से जुड़ने वाले लोग यदि योग की गतिविधियों से जुड़ जाएं तो वे शारीरिक व मानसिक दोनों ही दृष्टि से श्रेष्ठ सिद्ध होंगे। उनके साथ टीम में शामिल सदस्य प्रीतम देवांगन, सोमेश्वर तांडी, यशवंत, सुनील वंशीधर, भैरव सिंह और रमेश यादव आदि ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुति से माहौल को भक्तिमय कर दिया। इस दौरान उप जोन प्रभारी प्रभाशंकर दूबे, जगन्नाथ द्विवेदी, अशोक कुमार तिवारी, दीनानाथ सिंह, मंगरु प्रसाद, विद्यासागर पटेल, रामप्रीत गुप्त, जगदीश प्रसाद गुप्त, शुभकरन यादव, उदयवास पटेल, छविनाथ सिंह समेत अन्य जिम्मेदार मौजूद थे।
-------------------------------
अंतिम दिन भी श्रद्धालुओं ने किए माता गायत्री के दर्शन
कार्यक्रम स्थल पर स्थापित गायत्री माता की प्रतिमा के समक्ष पहुंचकर अंतिम दिन भी सभी श्रद्धालुओं ने उनकी पूजा-अर्चना की तथा स्वयं व परिवार की बेहतरी के लिए कामना की। इससे पूर्व उन्होंने हवन-पूजन कर यज्ञ की पूर्णाहूति की।
-------------------------------
सामग्रियों की दुकान पर खरीदारी के लिए उमड़े लोग
यज्ञ स्थल पर गायत्री शक्तिपीठ के जिम्मेदारों की ओर से सामग्रियों की दुकान भी लगाई गई है, जहां श्रद्धालु सामग्रियों को खरीदते भी नजर आएं। दुकानों पर काफी भीड़ देखी गई।