अपनों से मिलने के लिए दिन गिन रहे बंदी
महराजगंज। कोरोना काल में मुलाकात पर लगी रोक से जिला कारागार में निरुद्ध बंदी घरवालों का दीदार नहीं कर पा रहे हैं। इसके लिए वे एक-एक दिन गिन रहे हैं। वहीं परिजन भी उनसे मिलने को बेताब हैं। इसी आस में परिजन रोज जेल पहुंच जाते हैं, लेकिन शासन का निर्देश न होने के कारण मुलाकात नहीं हो पाती है।
कोरोना के कारण 24 मार्च 2020 से जेल में मुलाकात पर रोक है। परिजन डेढ़ साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद जेल में बंद ‘अपनों’ से मिलने के लिए परेशान हैं। अनलॉक के दौरान जहां देश भर में सबकुछ खुल रहा है, वहीं जेल में मुलाकात पर अब भी रोक है। शुरू में कोरोना का असर कुछ कम होने के बाद बंदियों से मुलाकात आसान हुई थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने मुलाकात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया। लंबे समय से मुलाकात न होने से दोनों लोग परेशान हैं। जिला कारागार में 937 बंदी निरुद्ध हैं। प्रभारी जेल अधीक्षक अविनाश कुमार ने बताया कि कोरोना के कारण मुलाकात बंद है। आदेश मिलते ही मुलाकात शुरू कर दी जाएगी।
टेलीफोन से होती बात
बंदियों से मुलाकात बंद होने के बाद जेल प्रशासन की ओर से जेल में चार टेलीफोन बूथ बनाए गए हैं। इससे बंदी घरवालों से बात करते हैं। निर्धारित समय पर बंदी बारी-बारी से घरवालों से बात कर कुशलक्षेम पूछते हैं। जेल अधीक्षक ने बताया कि बंदियों को उनके परिजनों से बात करने के लिए चार टेलीफोन बूथ बनाए गए हैं।