राष्ट्रीय लोक अदालत में 42,883 वादों का हुआ निस्तारण
16,36,111 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया, छह परिवारों का हुआ पुनर्मिलन
महराजगंज। दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार सुबह 10:30 बजे राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश तिवारी की अध्यक्षता में हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत में 42,883 वादों का निस्तारण किया गया।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश तिवारी ने 2 वाद का निस्तारण कर 2,56,686/-रुपये क्षतिपूर्ति दिलवाई। पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधीकरण ने 64 वादों का निस्तारण कर-90,15000/-रुपये का क्षतिपूर्ति दिलवाई। अध्यक्ष, स्थाई लोक अदालत द्वारा 4 वादों का निस्तारण, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, प्रथम द्वारा 37, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पोक्सो द्वारा 15, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-4 रेखा सिंह द्वारा 1 का निस्तारण कर 500/-रुपये का अर्थदण्ड वसूल किया गया। अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, प्रथम द्वारा 35, अपर प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय द्वितीय द्वारा 31, अपर जिला एव सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय द्वारा 08 वादों का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 411, सिविल जज सीडि द्वारा 132 वादों का निस्तारण कर 30,940/-रुपये का अर्थदण्ड वसूल किया गया। अपर सिविल जज, द्वारा 03 वादों का निस्तारण किया गया। सिविल जज अवर खण्ड, द्वारा 128 फोैजदारी, 2 सिविल वाद व 11 उत्तराधिकार वाद का निस्तारण किया गया। सिविल जज, अवर खंड, फरेंदा द्वारा 367 वाद, 7 उत्तराधिकार वादों का निस्तारण किया गया, जिसमें 16,36,111 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया।
न्यायिक मजिस्ट्रेट, महराजगंज द्वारा 100 वादों का निस्तारण किया गया एवं 8420/-रुपये का अर्थदंड वसूल किया गया। अपर सिविल जज, अवर खंड कोर्ट सं-2, महराजगंज द्वारा 134 वादों का निस्तारण किया गया। सिविल जज, अवर खण्ड त्वरित न्यायालय कोर्ट सं-एक, महराजगंज द्वारा 50 वादों का निस्तारण किया गया। सिविल जज, अवर खंड त्वरित न्यायालय कोर्ट सं-2, महराजगंज द्वारा 23 वादों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त समस्त राजस्व, एवं चकबन्दी न्यायालयों द्वारा 40,459 लम्बित वादों का निस्तारण किया गया। सभी बैंकों के द्वारा कुल 828 ऋण की वसूली से सम्बन्धित प्री-लिटिगेशन मामलों का निस्तारण किया गया। 4 करोड़ 27 लाख 2,645 रुपये का लोन सेटल किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर अध्यक्ष, स्थाई लोक अदालत राघवेन्द्र मणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में 4 वादों का निस्तारण किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में परिवार न्यायालय द्वारा निस्तारित किये गये पारिवारिक मामलों में छह परिवारों का पुनर्मिलन कराया गया।