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मरीजों के दबाव से कराह रहा ईटीसी वार्ड

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इमरजेंसी ट्रीटमेंट सेंटर : 15 बेड पर 30 मरीजों का हो रहा उपचार
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महराजगंज। जिला अस्पताल के ईटीसी और जेई-एईएस वार्ड आजकल मरीजों से भरा है। वर्तमान में इस वार्ड में 15 बेड पर 30 मरीजों का उपचार चल रहा है। इसमें 2 एईएस के और 13 तेज बुखार के मरीज शामिल हैं। जबकि अन्य रोगियों का यहां उपचार हो रहा है। वहीं, तीमारदार अस्पताल की गैलरी में बैठ वक्त गुजारने को विवश हैं। प्रत्येक दिन अस्पताल में मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से डॉक्टरों की टीम लगाई गई है।
मौसम के बदलाव के कारण जिला अस्पताल में बुखार के मरीज काफी बढ़ गए हैं। जिसका अंदाजा जिला अस्पताल के जेई एईएस और ईटीसी वार्ड से लगाया जा सकता है। इस वार्ड में बीते दिनों 18 बुखार के मरीज भर्ती रहे। लेकिन यह संख्या रविवार को घटकर 13 हो गई। भर्ती मरीज ठीक होने पर घर भेज दिए जा रहे हैं। वहीं, रोगियों के आने का क्रम भी जारी है।
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मरीज के साथ आए तीमारदारों ने कहा कि पहले बच्चे को हल्का बुखार हुआ तो नजदीक के डॉक्टर से दिखाया। ठीक न होने पर जिला अस्पताल लाया गया। यहां हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टर बच्चे को भर्ती कर दिए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी राय ने कहा कि मौसम के बदलाव के कारण मरीजों में सर्दी खासी बुखार, छोटे बच्चों में निमोनिया के अधिकतर मरीज आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों को पूरा अस्तीन का कपड़ा पहनाएं। बारीश में बच्चों को भीगने से बचाएं। मच्छरदानी का प्रयोग करें। बासी भोजन न दें। बच्चों की सेहत को लेकर लोगों को सजग रहने की जरूरत है।
सीएमएस डॉ. एके राय ने कहा कि ईटीसी और जेई- एईएस वार्ड में कुल 30 मरीज भर्ती हैं जिसमें तेज बुखार के 13 और एईएस के 2 मरीजों का उपचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि जो संसाधन है उसमें बेहतर इलाज का प्रयास किया जा रहा है। वार्ड में मरीजों के बेहतर इलाज के लिए डॉक्टरों की टीम लगी है।
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वायरल फीवर के मुख्य लक्षण
वायरल होने से शरीर में कुछ इस तरह के लक्षण दिखते हैं जैसे, गले में दर्द, खांसी, सिर दर्द थकान, जोड़ों में दर्द होता है।
रोजाना कम से कम 9-10 गिलास पानी पीएं
होम्योपैथ चिकित्सक देव चंद्र ने बताया कि बुखार आपके शरीर का तापमान बढ़ा देता है जिससे आपके शरीर से बहुत अधिक पसीना आ सकता है। इससे आपके शरीर में डिहाइड्रेशन हो सकता है। इससे बचाव और इलाज के लिए खुद को हाइड्रेट रखें और पूरे दिन खूब सारे तरल पदार्थ पीएं। रोजाना कम से कम 9-10 गिलास पानी पीएं। पानी ही नहीं, आप खुद को हाइड्रेट रखने के लिए घर का बना हेल्दी जूस, नारियल पानी, सूप आदि ले सकते हैं।
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