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आजादपुरा में जलभराव से परेशानी, चप्पल हाथ में लेकर निकलना मजबूरी

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ललितपुर। शहर में नगर पालिका परिषद के वार्ड 16 आजादपुरा प्रथम में लोहिया वकील की गली में जलभराव से लोग परेशान हैं। यहां बदबू से लोगों का ठहरना मुश्किल हो रहा है। क्षेत्र में 200 से अधिक घरों के लोग गंदे पानी से होकर निकलने को मजबूर हैं। फिसलकर गिरने के भय से लोग चप्पल हाथ में लेकर जलभराव से गुजर रहे हैं।
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शहर में विधानसभा से लेकर नगर पालिका परिषद के चुनाव में विकास कराने के वादे कर पदों पर आसीन तो हो गए, लेकिन जिन्होंने पद पर बिठाया, उसी जनता से किए वादों को भूल गए। ऐसे में जनता परेशानियों से जूझ रही है। शहर के मोहल्ला आजादपुरा प्रथम वार्ड में छह हजार की आबादी निवास कर रही है। यहां पर प्रमुख समस्याओं में गलियों में सड़क की बनी हुई है। सड़क व नालियों के अभाव में जगह-जगह गंदा पानी भरा हुआ है। लोहिया वकील की गली में लगभग दो सौ से अधिक घर हैं। इस गली में सड़क की ढाल गलत हो गई है। वहीं नीचे की ओर नाली का निर्माण नहीं है। इससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। उधर, अधिकारी मौके पर पहुंचे और आश्वासन भी दिया लेकिन दो माह बाद भी कार्रवाई नहीं हुई।
पानी ठहरते हुए एक खाली प्लाट में जमा हो गया है। अधिक पानी होने से प्लाट भर गया है। अब गली में भी बढ़ता जा रहा है। कई घरों के दरवाजों तक वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। बिना पानी के घर तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। महिलाएं अपने बच्चों को लेकर चप्पल हाथों में लेकर निकलने को मजबूर हैं। कई बार तो बच्चे गिरकर डूबने की हालत में पहुंच गए। अनदेखी के चलते मौत होने तक का खतरा बना हुआ है। ऐसा हाल यहीं नहीं, वार्ड की अधिकांश गलियों का बना हुआ है। खाली प्लाटों में जलभराव बना हुआ है। पार्षद के घर सामने ही जर्जर सड़क है। नाली न होने से गंदे पानी से निकासी करना तक मुश्किल हो रहा है। वहीं मुख्य सड़कों पर भी नालियां संकरी हैं। जिनसे पानी ओवर होकर रास्ते में फैल रहा है। इससे सभी लोगों को परेशानी हो रही है।
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वार्ड में 40 फीसदी हैंडपंप हैं खराब
वार्ड में पेयजल की सुविधा के लिए हैंडपंप लगाए हैं, लेकिन इनमें 14 हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। ऐसे में पेयजल की आपूर्ति बाधित होने पर पेयजल का संकट हो जाता है। कई लोग हैंडपंप के सहारे ही पानी जुटाते हैं। खराब हैंडपंप के चलते अब पानी लेने के लिए दूरी पर जाना पड़ रहा है। कई तो छह माह से तक खराब पड़े हैं।
दरवाजे पर डेढ़ फिट से अधिक ऊंचाई तक गंदा पानी जमा है। इससे पैदल निकलना मुश्किल हो गया है। चप्पल पहनकर नहीं निकल पा रहे हैं।
रीतेश
मकान बना तो लगा अब सुविधा हो गई है, लेकिन दो वर्ष बाद भी न तो सड़क का निर्माण किया और न ही नाली। रास्ते में पानी जमा हो रहा है।
देवेंद्र
नालियों के पानी जमा होने से परेशानी हो रही है। इससे उठ रही दुर्गंध से ठहरना मुश्किल हो रहा है। मजबूरन गंदे से निकलना पड़ रहा है।
दीपक
कच्चा रास्ता ही नहीं पक्के रास्ते भी जर्जर बने हुए हैं। इससे वाहन चलाना तो दूर पैदल निकलने में भी दिक्कत हो रही है।
- दामोदर
वार्ड में विकास की उम्मीद लेकर पार्षद चुने गए थे। कई कार्य बोर्ड में स्वीकृृत हो गई, लेकिन टेंडर न होने से अटके हैं। हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। इससे पेयजल का संकट बना हुआ है। जलभराव की समस्या को लेकर कई बार प्रार्थनापत्र दिए, अधिकारी मौके पर आए और अश्वासन देकर चले गए, लेकिन अब तक पानी की निकासी नहीं कराई गई।
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- हरिओम कुशवाहा, सभासद
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