फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

...तो क्या ठिठुरते हुए ही विद्यालय जाएंगे बच्चे

विज्ञापन
विद्यालय में बिना स्वेटर के सिकुड़ती छात्राएं - फोटो : LALITPUR
विज्ञापन
पुलवारा। सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म खरीदने के लिए भेजी जाने वाली डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) धनराशि के लिए ब्लॉक बार के सैंकड़ों छात्रों के अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अभिभावक यूनिफार्म, जूते-मोजे, स्वेटर और स्कूल बैग नहीं खरीद पा रहे। इससे बच्चे ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन

डीबीटी के रूप में प्रत्येक बच्चों के अभिभावकों के खाते में भेजी जा रही 1100 रुपये से यूनिफार्म, जूते-मोजे, स्वेटर, स्कूल बैग खरीदे जाने हैं। कक्षा एक से आठवीं तक के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को इस बार मुफ्त मिलने वाली ड्रेस का वितरण नहीं किया जा रहा है। बल्कि सरकार द्वारा ड्रेस की राशि सीधे विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों के खाते में भेजी जा रही है। लेकिन ब्लॉक बार में हालात यह हैं कि किसी विद्यार्थी को राशि मिल गई है और किसी को नहीं मिली। जिसमें अभिभावकों या विद्यार्थियों के खाते आधार से लिंक न होना बड़ा कारण सामने आ रहा है।
दिसंबर का महीना शुरू हो गया है और ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह और शाम को हल्के कोहरे और हवा के चलते लोगों को शीत लहर का एहसास हो रहा है। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक धनराशि नहीं मिलने के कारण स्वेटर नहीं खरीद सके हैं, जिससे बच्चों को ठंड में ठिठुरते हुए ही स्कूल जाना पड़ रहा है। पुरानी व्यवस्था के तहत अभी तक ठंड शुरू होने से पहले बच्चों को यूनीफार्म, जूते-मोजे के साथ ही स्वेटर वितरित कर दिया जाता था, लेकिन इस सत्र से प्रदेश सरकार द्वारा अभिभावकों को अपनी पसंद से इनकी खरीदारी करने के लिए डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में धनराशि स्थानांतरित की जा रही है।
विज्ञापन

जहां अधिकांश अभिभावकों के खातों में धनराशि पहुंच गई है, लेकिन जिन अभिभावकों के खाते उनके आधार लिंक नहीं हैं, वह अभी भी धनराशि आने का इंतजार कर रहे हैं। जिसमें धनराशि न आने की सबसे बड़ी वजह बैंक के कर्मचारियों द्वारा छात्रों के अभिभावकों के खातों से आधार न जुड़ना है। कई अभिभावकों के खाते से आधार लिंक नहीं है। लोगों द्वारा आधार लिंक के लिए कस्बा बार स्थित बैंक में करीब एक महीने से प्रतिदिन चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन बैंक में स्टाफ न होने की बात कहकर लोगों को हर बार टरका दिया जाता है। ऐसे में ज्यादातर बच्चे बिना स्वेटर के ही सर्दी में ठिठुरते हुए स्कूल जाने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें