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कैसे होगा बीमारियों से बचाव, जब रास्ते में हो जलभराव

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गली में फैले कीचड़ को साफ करता युवक - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। संक्रामक बीमारियों पर कैसे अंकुश लगे, जब गली मोहल्लों के रास्तों में कीचड़ व जलभराव है। शहर के मोहल्ला नेहरूनगर में जलभराव से बने दलदल में से होकर निकलना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कराए जाने की मांग की।
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शहर के विभिन्न मोहल्लों के कच्चे रास्तों में पानी की निकासी की समस्या बनी हुई है। सड़क व नाली न होने से रास्तों में पानी जमा हो गया है। निकासी न होने से रास्ते तक दलदल में तब्दील हो गए हैं। अब इनसे सुरक्षित निकलना तक दूभर हो गया है। ऐसी स्थिति शहर के मोहल्ला नेहरू नगर में कच्चे रास्ते की बनी हुई है। यहां पर मकानों का निर्माण होने से आवास तो हो गया, लेकिन सड़क व नाली का अभाव बना हुआ है। अब बारिश व नालियों के पानी की निकासी नहीं हो रही है। ढलान व मुख्य मार्ग की ऊंचाई होने पर पानी रास्ते में एक फुट तक जमा हो जाता है। रास्ते कच्चे होने से दलदल में तब्दील हो गए हैं। बाइक सवार कई जगहों पर फिसल कर गिर रहे हैं। इतना ही नहीं बच्चों को अकेले इन रास्तों से निकलना मुश्किल हो गया है। कई बच्चे कीचड़ में गिरकर चुटहिल तक हो चुके हैं। इसके बाद भी नगर पालिका प्रशासन उदासीन बना हुआ है।
नहीं हो रहा आदेश का पालन
बीमारियों से बचाव के लिए लगातार नगर क्षेत्रों में जलभराव की निकासी व छिड़काव के लिए जिला प्रशासन द्वारा निर्देश जारी किए जा रहे हैं, लेकिन यह आदेश विभागीय दस्तावेजों तक सीमित हैं। धरातल पर कोई असर नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में बीमारियों पर अंकुश लगना भी असंभव साबित है। साथ ही बीमारियों के बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
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जब जिम्मेेदारों को जलभराव की निकासी के आदेश दिए गए हैं, लेकिन धरातल पर कोई कार्य नजर नहीं आ रहा है। - मनीषा
रास्ता पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो गया है। अब पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। खुद ही पानी की निकासी की व्यवस्था की है। - गोलू

गली में मचे कीचड़ से बचकर निकलता स्कूल का बच्चा- फोटो : LALITPUR

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