किसान पंचायत को संबोधित करते भाकियू नेता
- फोटो : LALITPUR
बार (ललितपुर)। भारतीय किसान यूनियन की किसान पंचायत में प्रदेश सचिव लाखन सिंह पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार तीन कृषि कानून को तत्काल वापस ले तभी किसान शांत होगा। उन्होंने किसानों से जातिवादी राजनीति छोड़कर अपनी लड़ाई खुद लड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि देश के किसानों के साथ पूरा संगठन कस्बा बार से दिल्ली तक लड़ाई लड़ने को तैयार है। वह शुक्रवार को ब्लॉक मुख्यालय के गांधी मैदान में किसान महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर भाकियू नेताओं ने मांगों का ज्ञापन एडीओ अमित जैन को ज्ञापन सौंपा।
किसान पंचायत की शुरुआत चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के चित्र पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। मंडल उपाध्यक्ष कीरत बाबा ने कहा कि तीन कृषि कानून किसान विरोधी हैं। इसका फायदा उद्योगपतियों को होगा। उन्होंने कहा कि जिले में खरीफ की 80 फीसदी फसल नष्ट हो चुकी है जिसकी क्रॉप कटिंग एवं वीडियोग्राफी कराकर जिले को आपदा ग्रस्त घोषित कर राजस्व वसूली स्थगित की जाए।
गोविंद सागर बांध को जाखलौन पंप कैनाल के द्वारा भरा जाए जिससे रवि फसल की बुवाई एवं सिंचाई हो सके और ब्लॉक मुख्यालय पर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षकों की कमी को जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री सम्मान निधि से वंचित किसानों को तुरंत सम्मान निधि दिलवाई की मांग की। कहा कि यदि सरकार किसानों का पिछला कृषि बीमा एवं वर्तमान में नष्ट हो चुकी खरीफ फसल का बीमा किसानों के खाते में बीमा कंपनी द्वारा नहीं दिया गया तो वह मुख्यमंत्री आवास पर जाकर आमरण अनशन शुरू कर देंगे। किसान पंचायत की अध्यक्षता करते हुए जिला संरक्षक तिलकराम कौशिक ने किसानों की समस्याओं के तत्काल निस्तारण की मांग की। इस अवसर पर शब्बीर खान मंसूरी,राजपाल यादव, पहाड़ सिंह यादव, भरत सिंह, तिलक सिंह, मलखान सिंह, राम कुमार, कोमल बुनकर, देव सिंह यादव, शेर सिंह यादव, मानवेंद्र सिंह राजपूत ,खेमचंद राजपूत ,राजा राम यादव मौजूद रहे।
पंचायत में मौजूद किसान- फोटो : LALITPUR