कैप्सन - मकानों के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन
- फोटो : TALDEHATE
तालबेहट। मंगलवार की रात ग्राम तरगुवा में हाईटेंशन लाइन के तार टूटने के बाद हुए हादसे से बुुधवार को विद्युत विभाग ने मकानों के ऊपर से निकली लाइन को अस्थाई रूप से बंद कर दिया। वहीं ग्रामीण लाइन को हटाने की बात को लेकर लामबंद दिखे। ग्रामीण का सवाल यह है कि आखिर हाईटेंशन लाइन के नीचे दर्जनों मकान कैसे बन गए।
मंगलवार को ग्राम तरगुवा में हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर दूसरी लाइन पर गिरने से कई घरों में करंट फैल गया। हादसे में दो मासूम सहित छह लोग झुलस गए थे। जिन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया था। घटना से गुस्साए लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम और सीओ ने ग्रामीणों को उनकी समस्या के निदान का आश्वासन दिया था। जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोल दिया गया था। बुधवार को सुबह ग्रामीण हाईटेंशन लाइन को हटाने की बात को लेकर लामबंद दिखे।
विद्युत विभाग ने तरगुवा में मकानों के ऊपर से निकली लाइन को अस्थाई रूप से बंद कर दिया। इस संबंध में उपखंड अधिकारी अक्षय विश्वकर्मा ने बताया कि बिना विभागीय उच्चाधिकारियों की अनुमति के लाइन को हटाना मुश्किल है। ग्रामीणों का कहना है कि हाईटेंशन लाइन के नीचे मकान कैसे बने, पहले इसकी जांच होनी चाहिए।
कैप्सन - मकानों के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन- फोटो : TALDEHATE