ललितपुर। न्यायालय, किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट विजय कुमार चतुर्थ ने बुधवार को छह वर्ष पूर्व आठ साल की भतीजी के साथ दुष्कर्म में दोषी पाए जाने पर नाबालिग चाचा को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाते हुए राजकीय संप्रेक्षण गृह किशोर भेजा गया।
थाना तालबेहट क्षेत्र के एक ग्राम निवासी व्यक्ति ने छह वर्ष पूर्व 8 मार्च 2014 को तालबेहट कोतवाली को दी तहरीर में बताया था कि 4 मार्च 2014 को उसकी आठ वर्षीय पुत्री स्कूल गई थी। लौटते समय उसका चाचा उसे लालच देकर कुएं पर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया, जिससे वह बेहोश हो गई। जब शाम को वह घर नहीं लौटी तो उसकी खोजबीन की, तो वह खेत में लहूलुहान हालत में बेहोश पड़ी मिली। दो दिन बाद पीड़िता ने बोलने में सक्षम होने पर घटना की जानकारी दी। पिता की तहरीर के आधार पर कोतवाली तालबेहट पुलिस ने मामले में अभियुक्त चाचा (14) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे, तब से यह मामला किशोर न्याय बोर्ड के न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने मामले में अभियुक्त चाचा को पीड़िता के साथ दुष्कर्म (पॉक्सो) का दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई और राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में भेज दिया गया। मामले की पैरवी सहायक अभियोजन अधिकारी अजय बहादुर यादव ने की।