ललितपुर। जनपद में बढ़ती बीमारियों की रोकथाम के लिए मलेरिया विभाग ने कार्यालयों का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। इस दौरान 10 सरकारी विभागों के कार्यालयों में रखे कूलर और पानी की टंकियों में लार्वा मिलने से हड़कंप मच गया। आनन-फानन सभी विभागों को नोटिस जारी कर दिया गया। साथ ही सप्ताह में सफाई कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जनपद में वेक्टर जनित बीमारियों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में मरीज लगातार चपेट में आ रहे हैं, इसको नियंत्रण के लिए अब बीमारियों को लेकर मलेरिया विभाग अलर्ट हो गया है। सरकारी कार्यालयों में औचक निरीक्षण व कार्रवाई शुरू कर दी है। इस दौरान कार्यालयों में रखे पानी के पात्रों व नालियों में जांच की जा रही है। जांच में लार्वा पाए जाने पर संबंधित विभाग को नोटिस जारी किए जा रहे और सप्ताह में सफाई न कराए जाने पर कार्रवाई की जा रही है।
सोमवार को सीएमओ डॉ. जीपी शुक्ला व जिला मलेरिया अधिकारी केएस सिंह यादव के निर्देशन में विभिन्न कार्यालयों में डेंगू व चिकिनगुनिया की रोकथाम के लिए अभियान चलाया गया। अभियान में कूलर व कंटेनरों में एडीज मच्छर के लार्वा की जांच की गई। जांच में दस विभागों में 80 पात्रों (पानी की टंकी, कूलर) में 17 एडीज लार्वा पाए गए, जिन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। बीमारियों की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन लगातार अधिकारियों केे निर्देशित कर रहे हैं, लेकिन जिला मुख्यालय पर अफसरों की कार्यालयों में ही गंदगी व जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जलभराव ही नहीं कूलर व टंकियों में जमा पानी की सफाई न होने से लार्वा पाए जा रहे हैं। ऐसे में बीमारियों के रोकथाम के प्रयास असफल होते नजर आ रहे हैं।
इन विभागों में मिला लार्वा, लघु सिंचाई विभाग ने नहीं लिया नोटिस
मलेरिया विभाग ने कार्यालयों में रखे कूलर व कंटेनरों की जांच की गई। इसमें खनिज विभाग, जिला चकबंदी अधिकारी, उप संभागीय कृषि विभाग, कृषि विभाग, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, कृषि अनुभाग कार्यालय, लघु सिंचाई विभाग सीडीओ कार्यालय, एनआरएलएम कार्यालय, आरएमबी कॉलोनी आदि का निरीक्षण कर पानी के पात्रों की जांच की गई। इनके कंटेनरों में एडीज लार्वा पाए गए। जिस पर कार्यालय अध्यक्षों को नोटिस देकर सप्ताह में सफाई कराए जाने के निर्देश दिए। लघु सिंचाई विभाग ने तो नोटिस तक नहीं लिया।