ललितपुर। मच्छर जनित बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट है। मलेरिया विभाग द्वारा आठ माह में 22754 बुखार के मरीजों की मलेरिया जांच की गई। जांच में चार मरीज मलेरिया पॉजिटिव पाए गए हैं, जिन्हें दवा मुहैया करवाकर स्वस्थ किया गया है। लोगों को मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक किया गया।
मच्छर जनित व संक्रामक बीमारियों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान चलाए जाते हैं। शासन के निर्देशन पर संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाता है, इसमें बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करने के साथ साफ-सफाई भी कराई जाती है। बारिश के मौसम में घरों के आसपास के जलभराव को पानी की निकासी कराई जाती है।
मलेरिया सीजन की शुरुआत होते ही स्वास्थ्य महकमा गंभीर हो गया है। सीएचसी व पीएचसी पर आने वाले बुखार के मरीजों में मलेरिया के लक्षण पाए जाने पर जांच शुरू कर दी गई हैं। यहां पर आठ माह में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जनवरी माह से अगस्त तक बुखार के 22754 मरीजों की मलेरिया जांच की गई। इनमें अब तक मात्र चार मरीज पाए गए हैं। पॉजिटिव मरीजों में चारों मरीज सामान्य मलेरिया (प्लाज्मोडियम वाइवैक्स ) के पाए गए हैं। इन्हें दवा देकर स्वस्थ किया गया है।
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दो प्रकार का होता है मलेरिया
मलेरिया बुखार दो प्रकार का होता है। इनमें एक मलेरिया प्लाज्मोडिय वाइवैक्स है, जो सामान्य में आता है। इसमें मरीज समय पर दवा लेने पर शीघ्र ही स्वस्थ हो जाता है। दूसरा प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम है। इसमें वाइवैक्स में समय पर इलाज न लेने पर यह गंभीर बीमारी में तब्दील हो जाता है। इसमें समय पर उपचार न लेने पर प्लेट गिर जाती है। मरीज को जान का खतरा भी रहता है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में हुई जांच पर एक नजर
ब्लॉक - सैंपल की संख्या - मरीज
सीएचसी तालबेहट - 5996 - 00
मड़ावरा - 2265 - 02
महरौनी - 2126 - 00
बार - 3881 - 02
जखौरा - 1581 - 00
बिरधा - 4443 - 00
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इस तरह करें बचाव
- घर के आसपास साफ सफाई रखें
- आवासों के पास में जलभराव न होने दें
- मच्छरों से बचाव करें।
- फुल आस्तीन के कपड़ें पहनें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
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सभी सीएचसी पीएचसी पर आने वाले मरीजों में लक्षण पाए जाने पर मलेरिया की जांच की जा रही है। अब तक चार मलेरिया के रोगी पाए गए हैं, जिन्हें दवा देकर स्वस्थ किया गया है।
- के एस सिंह यादव
जिला मलेरिया अधिकारी
गंभीर बुखार के चलते कई मरीजों की स्थिति खराब