ललितपुर। हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी को निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया बनाने के लिए पहली बार अपनाई गई ऑनलाइन प्रक्रिया असफल साबित हुई। यहां परीक्षा केंद्रों पर मांग के सापेक्ष दो गुने कक्ष निरीक्षक तैनात कर दिए गए। परिषदीय प्राथमिक और जूनियर हाई स्कूल के प्रधानाध्यापकों को भी कक्ष निरीक्षक बना दिया गया। ऐसे में बेसिक शिक्षा की पहले दिन की परीक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
जिले में अब तक बोर्ड परीक्षाओं में लगभग 1200 कक्ष निरीक्षकों की आवश्यकता पड़ती थी, लेकिन इस बार लगभग 1300 की जरूरत थी। इस पर ऑन लाइन प्रक्रिया में भी अनदेखी होने से 2596 बेसिक शिक्षकों की ड्यूटी कक्ष निरीक्षकों के रूप में लगा दी गई। इनमें बेसिक के प्रधानाध्यापकों को भी लगा दिया गया। इसके चलते मंगलवार से शुरू हुईं बेसिक स्कूलों में परीक्षाएं कुछ स्थानों पर प्रभावित भी हुईं। जब इसकी सूचना शिक्षा विभाग को मिली तो जिम्मेदारों में खलबली मच गई। ऐसी स्थिति पहली बार बनी है, जब दोगुने बेसिक शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा आयोजित कराने के लिए ड्यूटी में संबद्घ कर दिया गया है।
शिक्षक नेताओं ने आरोप लगाया है कि ऑनलाइन प्रक्रिया के नाम पर अध्यापकों का शोषण किया गया है। प्रधानाध्यापकों को उनके कार्यरत विद्यालय से 25 से 30 किलोमीटर दूर और दूसरे ब्लॉक के विद्यालयों में भी बोर्ड परीक्षा संपन्न कराने के लिए कक्ष निरीक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। जबकि इसी दौरान परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा की गंभीरता तक का ध्यान नहीं रखा गया है। जानकारी के अनुसार नगर क्षेत्र के कुछ विद्यालयों के शिक्षकों की बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी लगने से एक भी शिक्षक नहीं बचा है। कई विद्यालयों में पहले ही अध्यापकों की कमी बनी हुई है और अब कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाने से शिक्षकों का संकट उत्पन्न हो गया। प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिला विद्यालय निरीक्षक से बात की, तो अधिकारियों ने स्वीकार किया कि त्रुटि के कारण अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लग गई है। प्राथमिक शिक्षक संघ और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष ने जिला विद्यालय निरीक्षक को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की है।
ऑन लाइन प्रक्रिया के अंतर्गत लगाई गई कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी में त्रुटि सामने आई है। इससे मांग के सापेक्ष अधिक शिक्षकों की ड्यूटी लग गई थी। अब दूसरी सूची जारी की जा रही है।
- राम शंकर, जिला विद्यालय निरीक्षक