दो दिन पहले घर से निकला था घास काटने, घटनास्थल पर मिले बाघ के पगचिह्न
संसारपुर। घर से दो दिन पहले घास काटने गए ग्रामीण का शव गन्ने के खेत में पड़ा मिला है। बाघ की चहलकदमी से क्षेत्रवासियों में दहशत है।
मृतक के पड़ोसी पंकज कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि मैलानी थाना क्षेत्र के ग्राम डाटपुर निवासी 55 वर्षीय आशाराम आठ नवंबर को सुबह नौ बजे घर से घास काटने गया था। शाम तक घर न लौटने पर परिवारीजन ने तलाश शुरू की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला।
बुधवार की सुबह आशाराम का शव मैलानी रेंज की भरिगवां बीट में कठिना नदी के किनारे सर्वेश कुमार के गन्ने के खेत में पड़ा मिला। पास में ही उसकी घास काटने वाली दराती भी पड़ी थी। आशंका है कि आशाराम की मौत बाघ के हमले में हुई है। बाघ के हमले में ग्रामीण की मौत की सूचना मिलते ही वहां ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई।
फॉरेस्टर राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया की मौके पर बाघ के पगचिह्न मिले हैं, जिससे बाघ के हमले में ग्रामीण की मौत का मामला प्रतीत होता है। संसारपुर पुलिस चौकी प्रभारी प्रवीण कुमार ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बाघ के भय से महिलाओं ने उल्ल नदी घाट पर नहीं की छठ पूजा
बांकेगंज। पिछले साल भीरा रेंज जंगल से गुजरी उल्ल नदी के घाट पर छठ पूजा कर रहीं इंदिरा नगर गांव की महिलाओं के सामने अचानक एक बाघ पहुंच गया था। महिलाओं ने वहां भागकर अपनी जान बचाई थी।
बाघ के डर की वजह से अबकी छठ पूजा के लिए महिलाएं उल्ल नदी घाट पर नहीं गईं। महिलाओं ने गांव से सटे खेत किनारे वेदी बनाकर छठ पूजा की। उधर, बांकेगंज कस्बे में पूर्वांचल समाज के लोगों ने धूमधाम और उत्साह से छठ पर्व मनाया गया। बड़ी नहर में पानी न होने के बावजूद उत्साहित श्रद्धालुओं ने गड्ढे में पंपिंगसेट से पानी भरा। बुधवार शाम महिलाओं ने फलों से सजी बांस की टोकरी में अनुष्ठान के दौरान पूजन सामग्री, पानी वाला नारियल, पत्तेयुक्त गन्ना, शंकरकंद, नाशपाती मिठाई आदि से जल में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर छठ मैया से पुत्र के दीर्घायु होने की कामना की। संवाद