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तिकुनिया कांडः मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर सुनवाई आज

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प्रतीकात्मक
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लवकुश और आशीष पांडे की जमानत अर्जी पर भी सुनवाई आज होगी
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जांच टीम आज कोर्ट में बैलेस्टिक रिपोर्ट और केस डायरी भी कर सकती है पेश
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र की जमानत अर्जी पर आज सुनवाई है। जिला अदालत में आशीष मिश्र की जमानत पर सुनवाई पहले नंबर पर लगी है। जांच टीम आज कोर्ट में बैलेस्टिक रिपोर्ट और केस डायरी पेश कर सकती है। हालांकि अभी मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आई है। आशीष के साथ लवकुश और आशीष पांडे की जमानत अर्जी पर भी सुनवाई होगी, जो कि आशीष मिश्र की सुनवाई के बाद होगी।
तिकुनिया कांड के लिए सोमवार की अदालती सुनवाई सबसे अहम है। सोमवार को ही प्रमुख नामजद आरोपी आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी पर जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में बहस लगी है। सूत्र बताते हैं कि तीन बार जिला जज मुकेश मिश्र के समक्ष सुनवाई के लिए पेश हो चुकी जमानत की अर्जी पर 15 नवंबर को अंतिम रूप से निर्णायक सुनवाई की जाएगी। इससे पहले मोबाइल जीपीएस व सर्विलांस की रिपोर्ट व एफएसएल रिपोर्ट की अनुपब्लधता के कारण जमानत अर्जी पर सुनवाई नहीं हो सकी थी। वहीं इस बार अभियोजन पक्ष की ओर से फाइनल सुनवाई की पूरी तैयारी कर ली गई है। जमानत सुनवाई के मद्देनजर जहां जांच टीम की ओर से पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। वहीं शासन के आला अधिकारियों ने भी इस मामले में अभियोजन पक्ष से संपर्क करते हुए बेहतर ढंग से पक्ष रखने की रणनीति बनाई है।
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केस लिस्ट में क्रमांक 36 पर लगी है आशीष मिश्र मोनू की अर्जी
जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत के संबंध में तैयार की गई कप्यूटराइज्ड केस लिस्ट में क्रमांक 36 पर आशीष मिश्र मोनू की जमानत अर्जी लगी है तो 37 व 38 नंबर पर लवकुश राना और आशीष पांडेय की जमानत अर्जी की सुनवाई सहित कुल 13 जमानत प्रार्थना पत्रों की सुनवाई लगी है, लेकिन जमानत सुनवाई के लिए सबसे पहले समय मुकर्रर होने के कारण सोमवार की सुबह अदालत बैठते ही सबसे पहले आषीश मिश्र मोनू सहित तीनों आरोपियों की जमानत सुनवाई की जाएगी।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री समेत 14 पर रिपोर्ट की अर्जी पर भी आज होगी सुनवाई
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में अब तक जहां पुलिस की ओर से अपराध संख्या 219 के रूप में दर्ज मामले की बात कहते हुए 13 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और एक सौ से अधिक गवाहों के कलमबंद बयान दर्ज कराए जा चुके है। वहीं पत्रकार रमन कश्यप की हत्या मामले में उसके भाई पवन कश्यप ने सीजेएम अदालत में लिखित अर्जी देते हुए चौदह आरोपियों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की गुहार लगाई थी, जिसमें प्रमुख आरोपी आषीश मिश्र मोनू के बाद दो नंबर पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री को आरोपी बनाया गया है। पिछली पेशी पर प्रभारी सीजेएम मोना सिंह नेो सुनवाई करते हुए तिकुनिया पुलिस से इस अर्जी के सबंध में पुलिस आख्या तलब की थी और अंतिम सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तिथि मुकर्रर की है। हालांकि अभी तक तिकुनिया पुलिस ने इस मामले में अदालत में कोई सूचना नही दी है लेकिन इसे लेकर सोमवार को सुनवाई हो सकती है। संवाद

केवल पहले मुकदमे की होगी बहस, क्रॉस केस पर नो कमेंट
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड मामले में सोमवार को होने वाली अदालती सुनवाई केवल पहले मुकदमे तक ही सीमित रहेगी। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से पूरा जोर हत्यारोपियों की जमानत अर्जी खारिज कराने पर लगा है। इसी संबंध में डीजीसी अरविंद त्रिपाठी ने अमर उजाला से बातचीत करते हुए बताया कि सोमवार को होने वाली जमानत सुनवाई के दौरान क्रॉस केस मामले से संबंधित कोई केस डायरी या कागज नहीं पेश किए जाएंगे। क्योंकि मुकदमा अपराध संख्या 219 में आरोपियों की ओर से जमानत अर्जी पेश की गई है इसलिए क्रॉस केस मुकदमा अपराध संख्या 220 से जुड़े प्रपत्र पेश करने की कोई आवश्यकता नहीं है। संवाद
गवाहों के बयान दर्ज करने में जांच  टीम पर लगा गड़बड़ी का आरोप
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया कांड में किसानों के लीगल पैनल ने आरोप लगाया है कि जांच टीम ने गवाहों के बयान दर्ज करने में गड़बड़ की है। अब तक 100 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनमें मुकदमा संख्या 219 के गवाह को भी 220 में दर्ज
किया गया है, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट जांच टीम को फटकार भी चुकी है। वहीं
गवाहों के सुरक्षा वापसी की अर्जी पर उन्होंने बताया कि किसी गवाह ने ऐसा नहीं किया है।
किसान पक्ष के लीगल पैनल से जुड़े वकील हरजीत सिंह का कहना है कि जांच टीम ने गवाहों के बयान दर्ज करने में भी गड़बड़ी की है। जो बयान 220 में दर्ज होना चाहिये वह बयान जांच टीम ने 219 में दर्ज करवाया है। उन्होंने कहा सुप्रीम कोर्ट की मॉनीटरिंग में सब साफ हो रहा है। वहीं गवाहों की सुरक्षा वापसी की अर्जी पर उन्होंने बताया कि  जांच टीम की गलती की वजह से गड़बड़ी हुई है, लेकिन किसी किसान ने सुरक्षा वापसी की अर्जी नहीं दी है। मामले में एएसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि एक दो लोगों के बारे में पता चला है, लेकिन जिन भी गवाहों को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। उनकी सुरक्षा वापस नहीं की जा सकती। 

सुरक्षा वापसी के लिये सिर्फ चार गवाहों ने अर्जी दी थी, लेकिन किसी की अर्जी स्वीकार नहीं की गई है। सुप्रीम कोर्ट के कहने पर ही गवाहों की सुरक्षा दी गई थी, जो कि वापस नहीं हो सकती।
- अरविंद त्रिपाठी, डीजीसी 

तजेंदर सिंह विर्क के नहीं दर्ज हो  पाए बयान, न ही मिली सुरक्षा
लखीमपुर खीरी। किसानों के लीगल पैनल में शामिल मुख्य वकील हरजीत सिंह ने बताया कि जांच टीम सिर्फ उतना ही काम कर रही है, जितना सुप्रीम कोर्ट कह रहा है। उन्होंने बताया कि तिकुनिया कांड के 43 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन जांच टीम ने घटना के चश्मदीद और मुख्य पीड़ित तराई किसान संगठन के अध्यक्ष तेजेंदर सिंह विर्क के अब तक 164 के बयान नहीं कराए हैं, जबकि थार गाड़ी चढ़ने से वह और अन्य तीन लोग समेत कुल चार लोग घायल हुए थे। घायल होने के बाद भी अभी तक उनके बयान नहीं लिये जा सके हैं। यही नहीं उन्हें अभी तक सुरक्षा भी नहीं मुहैया कराई गई है। उन्होंने बताया कि तेजेंद्र विर्क अभी भी चोटिल हैं फिर भी उन्हें रुद्नपुर उत्तराखंड से बुलाया गया, जबकि गुरजीत सिंह निवासी बिलासपुर, रामपुर और हरपाल सिंह
निवासी दिनेशपुर उधम सिंह नगर उत्तराखंड व हरदीप सिंह निवासी बिलासपुर रामपुर बुरी तरह घायल हुए थे। इन्हें भी न तो सुरक्षा दी गई है और न ही कोई मुआवजा दिया गया है, जबकि इनकी जान को ज्यादा खतरा है। बताया कि विर्क के सिर्फ 161 के बयान दर्ज हुए हैं, लेकिन बुलाने के बाद भी जांच टीम ने चारों घायलों के 164 के बयान नहीं दर्ज करवाए हैं। वहीं टीम में वरिष्ठ जांच सदस्य एएसपी अरुण कुमार सिंह का कहना है कि विवेचना की प्रक्रिया लगातार चल रही है। यह कहना मुश्किल है कि किसके बयान हुए, किसके नहीं। विवेचना प्रचलित है, जिसका जवाब वह कोर्ट को दे रहे हैं।

22 को लखनऊ में किसान महापंचायत के लिये तैयारी तेज
लखीमपुर खीरी। 22 नवंबर को भारतीय किसान यूनियन की लखनऊ में प्रस्तावित किसान महापंचायत में किसानों को शामिल कराने के लिए जोर लगा रही है। करीब सौ गाड़ियों और कई ट्रैक्टर-ट्रॉली से किसान लखनऊ जाने की तैयारी कर रहे हैं। 
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भाकियू टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह ने बताया कि वह 22 नवंबर को लखनऊ मेें होने वाली किसान महापंचायत में खीरी से पांच हजार से ज्यादा किसानों को ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए उनकी तैयारियां अंतिम दौर में हैं। किसानों को पंचायत में ले जाने के लिए 100 गाड़ियों की व्यवस्था कर ली गई है, जबकि अन्य ट्रैक्टर ट्रॉलियों के जरिये ही किसान 22 नवंबर को लखनऊ के लिये कूच करेंगे। तिकुनिया कांड में एक बार फिर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी की मांग करते हुए उन्होंने किसानों से 22 नवंबर को लखनऊ
की किसान महापंचायत में पहुंचने की अपील की है। संवाद
 
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