पलियाकलां। मंगलवार को शारदा नदी का जलस्तर और बढ़ गया, जिससे नदी किनारे बसे श्रीनगर गांव के ग्रामीण दहशत में हैं। सोमवार को जहां नदी खतरे के निशान ने 13 सेंटीमीटर ऊपर थी। वहीं मंगलवार को नदी खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचकर 154.380 सेंटीमीटर पर बह रही थी।
जल आयोग के लिपिक केके प्रजापति ने बताया कि नदी का जलस्तर सोमवार से लगातार बढ़ रहा है और नदी खतरे के निशान से ऊपर है। बताया कि बीते 24 घंटे में इलाके में 64.6 एमएम बरसात हुई है, जिसका असर भी नदी के जलस्तर पर दिख रहा है। उधर बढ़ते जलस्तर से नदी के किनारे बसे श्रीनगर गांव के ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। अभी जून माह के आखिरी सप्ताह में भी शारदा नदी ने श्रीनगर गांव में जमकर कहर बरपाया था। जिससे ग्रामीण रोड किनारे पुल के पास रहने को विवश हुए थे। भीरा इलाके के इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर भी पानी बढ़ गया है। बोझवा गांव में लाइन पार पड़ने वाली ठोकर नंबर जीरो व एक से निकलना भी ग्रामीणों के लिए मुश्किल हो गया है।
मोहाना नदी का जलस्तर बढ़ा, नयापिंड गांव फिर संकट में
तिकुनियां। लगातार बारिश के चलते मोहाना नदी का जलस्तर बढ़ गया है। किनारे बसे गांव नया पिंड को नदी ने चारों तरफ से घेर लिया है। नदी का बढ़ना जारी है। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को सूचना दी जिसके चलते तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार पांडे ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया और ग्रामीणों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने के लेखपाल को निर्देश दिए।
गांव निवासी बूटा सिंह, गुरमीत सिंह, मंगल सिंह, चरणजीत सिंह ने बताया कि नदी का पानी इस बार घरों में भी घुस सकता है।
यहां बता दें कि ग्राम पंचायत खैरटिया के मजरा गांव नयापिंड मोहाना नदी के निकट बसा हुआ है गांव में 25 परिवार रहते हैं हर साल इन ग्रामीणों को नदी के कोप का शिकार बनना पड़ता है। संवाद
कई मोहल्लों में दो फीट तक भरा पानी
पलियाकलां। तीन दिनों से हो रही बारिश के कारण शहर के कई मोहल्लों में करीब दो फीट तक पानी भर गया।
शहर की मछली मंडी रोड, वाल्मीकि मोहल्ला, मेला रोड, पांडेय बाबा मंदिर जाने वाली गली, नगर पालिका रोड पर करीब एक-दो फीट तक पानी भर गया। जिससे बाजार आने वाले लोगों के साथ मोहल्लेवासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उधर तहसील परिसर भी तालाब बना रहा। अधिकारियों के साथ ही अधिवक्ताओं व उनके वादकारियों को आने-जाने में दिक्कत हुईं। कई अधिवक्ताओं के तख्त ही पानी में डूबे रहे। जिससे उनको काफी परेशानी हुईं। संवाद