पसगवां में ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के नामांकन के दौरान बीते गुरुवार को सपा प्रत्याशी और उनकी प्रस्तावक से अभद्रता, साड़ी खींचने व नामांकन का पर्चा फाड़ने के मामले में पुलिस ने रविवार को सांसद रेखा वर्मा के प्रतिनिधि सुमित तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस ने दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
बता दें कि प्रदेश सरकार की किरकिरी होने के बाद प्रशासन ने सीओ मोहम्मदी, एसएचओ पसगवां, एक इंस्पेक्टर और तीन एसआई को सस्पेंड कर दिया है। मामले में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष यश वर्मा और कार्यकर्ता बृज सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घटना के अगले दिन पीड़ित सपा समर्थित प्रत्याशी रितु सिंह को लखनऊ बुलाकर हर संभव मदद का भरोसा दिया और योगी सरकार को घेरा था।
ये थी पूरी घटना
पसगवां ब्लॉक परिसर में गुरुवार को तीन प्रत्याशी नामांकन पत्र दाखिल करने पहुंचे थे। भाजपा सांसद रेखा वर्मा की करीबी व पार्टी की प्रत्याशी कु. शिखा सिंह और सांसद रेखा वर्मा की मां व निवर्तमान प्रमुख उर्मिला ने पर्चा दाखिल किया था। लेकिन, दोपहर करीब 1 बजे जब सपा समर्थित प्रत्याशी रितु सिंह पत्नी धर्मवीर सिंह निवासी सेमरा जानीपुर थाना पसगवां, नामांकन कराने पहुंचीं तो गेट के बाहर ही खड़े लोगों ने रितु सिंह और उनकी प्रस्तावक अनीता देवी का हाथ पकड़कर रोका और उनकी साड़ी खींची, जिसका वीडियो भी सामने आया था।
रितु सिंह द्वारा पसगवां थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट में कहा गया कि वह आठ जुलाई की दोपहर करीब एक बजे सपा की ओर से क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष का नामांकन करवाने के लिए अपनी प्रस्तावक अनीता देवी व समर्थक शफी के साथ ब्लॉक पहुंची थीं। जहां भाजपा कार्यकर्ताओं की काफी भीड़ थी। रितु सिंह का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनसे और उनकी प्रस्तावक अनीता देवी के साथ दुर्व्यवहार कर साड़ी खींची और ब्लॉउज फाड़ दिया। भाजपा कार्यकर्ता बृज सिंह निवासी जेबी गंज व यश वर्मा निवासी मकसूदपुर ने उनका बैग छीन लिया, जिसमें 7500 रुपये और सोने का लॉकेट था। आरोपियों ने कान में पहने सोने के डेढ़ ग्राम झाले भी नोच लिए।
रितु सिंह ने कहा कि वह हमलावरों से किसी तरह बचते बचाते आरओ कक्ष में दाखिल हुईं और एआरओ को नामांकन पत्र सौंपा। एआरओ नामांकन पत्र देख ही रहे थे कि भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंच गए और एआरओ से पर्चा छीनकर उसे फाड़ दिया। इस तरह उन्हें नामांकन नहीं करने दिया गया। आरोप है कि उनके साथ गए क्रांति सिंह व दिलीप यादव आदि के साथ भी अभद्रता की गई।
बताया कि जब उनका हाल जानने एमएलसी शशांक यादव, डॉ. आरए उस्मानी और डॉ. जुबेर आदि मौके पर पहुंचे तो उन्हें बीच रास्ते में ही रोकर भाजपा कार्यकर्ता हिंसा पर आमादा हो गए और उन्हें रोक लिया। मौके पर पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और भाजपा सांसद व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा तथा मोहम्मदी विधायक लोकेंद्र प्रताप सिंह मौजूद थे, लेकिन पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। मामले में पुलिस ने दो नामजद व दो अज्ञात के खिलाफ धारा 147, 171-एफ, 354, 392 व 427 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।
सीओ अभय प्रताप मल्ल और एसएचओ आदर्श कुमार सिंह, इंस्पेक्टर हनुमान प्रसाद, चौकी इंचार्ज बरवर महेश गंगवार, चौकी इंचार्ज जेबीगंज दुर्वेश गंगवार और उचौलिया चौकी इंचार्ज उग्रसेन को सस्पेंड किया गया है।
- विजय ढुल, एसपी