पलियाकलां। शहर के मोहल्ला अहिरान प्रथम में नगर पालिका कॉम्पलेक्स के पास अमर उजाला की चुनावी चौपाल में शहर के लोगों ने स्थानीय मुद्दों को उठाया। कहा कि पलिया-भीरा मार्ग जर्जर है। इसके मरम्मत की सुध कोई नहीं ले रहा। साथ ही पलिया की स्वास्थ्य सेवाएं भी बदहाल हैं। यहां नाक, कान व गला के चिकित्सकों का अभाव है। इसके चलते पलिया के लोग जिला अस्पताल व अन्य अस्पतालों का रुख करते हैं। गन्ना भुगतान की समस्या के बारे में भी लोगों ने चर्चाएं कीं। पार्टी स्तर पर बात करने पर बताया कि अभी किसी पार्टी द्वारा प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है। स्वास्थ्य सेवाएं सही हों, शिक्षा व रोजगार के अलावा अन्य मुद्दों पर लोगों ने बात की।
पलिया के चिकित्सक राजेश सक्सेना ने कहा कि पलिया-भीरा रोड जर्जर होने के कारण उनके पास दूर से आने वाले मरीजों को दिक्कतें होती हैं। सरकार व विधायक चाहे कोई भी हो ऐसी बड़ी समस्या से निजात दिलाना भी जरूरी है।
पलिया के राजू सिंह अर्कवंशी ने कहा कि सरकार ने बेहतर कार्य किए हैं लेकिन पलिया में स्वास्थ्य सेवाएं काफी बदहाल हैं। जो भी विधायक आए वह सरकारी अस्पताल में पहले स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर कराए जिससे जनता को सही और बेहतर इलाज यहां मिल सके।
पलिया के सुशील कुमार मौर्या ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पलिया अभी भी पिछड़ा हुआ लगता है। यहां के डिग्री कॉलेज में शिक्षकों का टोटा है। इसके कारण बाहर व गांवों से पढ़ने आने वाले लोगों को दिक्कतें होती हैं। भविष्य भी खराब होने का डर सताता है।
पलिया के बृजेश गुप्ता ने बताया कि सरकार चाहे कोई भी हो जनप्रतिनिधि क्षेत्र का जनप्रतिनिधि होता है। ऐसे में वह क्षेत्र का जितना हो सके विकास कराए ताकि आगे तक जनता याद करे। उसके लिए अपना वोट डाले।
पलिया के कुनाल घोष ने बताया कि किसान वर्ग वर्तमान सरकार से कुछ नाराज है लेकिन सरकार ने फिर भी कार्य अच्छे किए हैं। किसानों के लिए भी अच्छे कार्य करने वाली सरकार चाहिए। उनका प्रतिनिधि भी ऐसा हो जो अपने मुखिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चले।
पलिया के फैसल खान ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में इलाका पीछे है। इंटरमीडिएट तक शिक्षा ग्रहण करने के लिए बेहतर स्कूल व कालेज हैं लेकिन आगे की शिक्षा ग्रहण करने के लिए स्थानीय लोग बाहर का रुख कर रहे हैं। विधायक ऐसा हो जो पलायन रोक सके।
पलिया के सुशील राजपूत ने बताया कि पलिया-भीरा रोड काफी क्षतिग्रस्त है। ऐसे में दूरदराज से आने वाले रिश्तेदारों को परेशानी होती है। अस्पताल में अल्ट्रासांउड व अन्य जांच भी नहीं होते हैं। इससे बाहर जाकर महंगी जांच करानी पड़ती है। विधायक इस समस्या पर भी ध्यान देने वाला होना चाहिए।
पलिया के लवप्रीत सिंह ने बताया कि गन्ना किसानों को उनका भुगतान मिलने में लगातार देरी होती है। प्रतिनिधि ऐसा हो जो सरकार तक किसानों की बात रखे। गन्ना भुगतान अगर किसानों से समय से मिल जाए तो उनकी आधी दिक्कतें दूर हो जाएं।