लखीमपुर खीरी। भाकियू नेता राकेश टिकैत दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को सीतापुर की ओर से ओयल होते हुए लखीमपुर पहुंचे। पहले दिन वह हाथीपुर मोहल्ला स्थित गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा पहुंचे और मत्था टेका। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ गुरुद्वारे में बैठक की। इसमें गन्ना मूल्य भुगतान समेत राजस्थान की कांग्रेेस सरकार द्वारा किसानों की कौड़ियों के भाव जमीन नीलाम करने पर चर्चा हुई। तिकुनिया हिंसा में किसानों की गिरफ्तारी को लेकर चर्चा हुई। इधर, गन्ना मूल्य भुगतान और किसानों को जेल भेजने के मुद्दे पर जिला प्रशासन से बात की।
इससे पहले भाकियू नेता राकेश टिकैत के आने की सूचना पर पुलिस प्रशासन मुस्तैद दिखा। शहर के प्रमुख चौराहों व रास्तों पर पुलिस फोर्स सुरक्षा की दृष्टि से तैनात रही। वहीं हाईवे स्थित मैगलगंज में भी पुलिस फोर्स मुस्तैद रहा। वहीं भाकियू नेता राकेश टिकैत अपने काफिले के साथ सीतापुर की ओर से लखीमपुर पहुंचे। एलआरपी चौराहे पर भाकियू अध्यक्ष दिलबाग सिंह की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने उन्हें रिसीव किया, जिसके बाद काफिला सीधे मोहल्ला हाथीपुर स्थित गुरुद्वारा गुरुसिंह सभा पहुंचा। सबसे पहले राकेश टिकैत ने गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेका। कुछ देर तक रुकने के बाद वह गुरुद्वारा के सामने ही दूसरे भवन में बने सभागार पहुंचे। सभागार में भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ चाय पर चर्चा करते हुए बजाज ग्रुप की मिलों द्वारा पिछले वर्ष का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान न किए जाने को लेकर चर्चा हुई। इस संबंध में प्रशासन व शासन स्तर से हुई वार्ता के बारे में भाकियू नेता टिकैत ने बताया कि बजाज ने ललितपुर में पॉवर प्लांट लगाकर उसमें किसानों का पैसा फंसा दिया था, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
भाकियू नेता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट एक ट्विट का हवाला देते हुए कहा कि राजस्थान में किसान की 10 एकड़ जमीन कौड़ियों के भाव मात्र सात लाख रुपये में नीलाम किए जाने की जानकारी मिली, जिसमें किसी ने यह भी लिखा था कि टिकैत भाजपा सरकार के खिलाफ धरना करते हैं लेकिन कांग्रेस शासित राजस्थान में किसानों के साथ हो रहे अत्याचार पर कुछ नहीं बोलते। इस पर टिकैत ने कार्यकर्ताओं से बताया कि तुरंत राजस्थान के दौसा जिला निवासी किसान से फोन पर संपर्क करके हालात की जानकारी ली, जिसके बाद वहां स्वयं पहुंचे। किसान की जमीन की हुई नीलामी को निरस्त कराया और पूरे प्रदेश में जमीन नीलामी की कार्रवाई को रुकवाया।
डीएम-एसपी से बंद कमरे में टिकैत की हुई वार्ता
गुरुद्वारा से निकलने के बाद शाम करीब 4:30 बजे भाकियू नेता राकेश टिकैत कलक्ट्रेट स्थित डीएम महेंद्र बहादुर सिंह के दफ्तर पहुंचे। जहां एसपी संजीव सुमन व सीडीओ अनिल कुमार सिंह भी मौजूद थे। राकेश टिकैत ने अधिकारियों से औपचारिक मुलाकात की। इसके बाद चार भाकियू कार्यकर्ताओं के साथ बंद कमरे में करीब आधे घंटे तक अधिकारियों संग वार्ता की। इसके बाद बाहर निकलने पर मीडिया से बातचीत में भाकियू नेता टिकैत ने बताया कि बजाज की मिलों पर पिछले साल का बकाया गन्ना मूल्य का शीघ्र भुगतान कराने को लेकर अधिकारियों से वार्ता की है। साथ ही तिकुनिया हिंसा में किसानों की गिरफ्तारी किए जाने को लेकर भी वार्ता हुई है। साथ ही उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे को लेकर केंद्र सरकार से बात करेंगे। निर्दोष किसानों की गिरफ्तारी न करने व उन्हें रिहा करने के लिए कमेटी व प्रदेश सरकार से बात करेंगे।
जेल में बंद एक किसान के परिवार से भी मिले
शुक्रवार शाम को भाकियू नेता राकेश टिकैत तिकुनियां हिंसा में गिरफ्तार किए गए अलीगंज क्षेत्र के गांव चौरठिया निवासी किसान गुरविंदर सिंह के परिवार से मिलने उनके घर पहुंचे। उन्होंने परिजन से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष दिलबाग सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। शनिवार को भी वह अन्य किसानों के परिवारों से मुलाकात करेंगे।