रविवार रात दिक्कत होने पर एक सिलिंडर से कई मरीजों को दी गई ऑक्सीजन
लखीमपुर खीरी। जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। यहां प्लांट लग जाने के बावजूद टेक्नीशियन की तैनाती नहीं की गई है। प्लांट चलाने की जिम्मेदारी दो वार्ड ब्वॉय पर है। दिवाली की छुट्टी से न लौटने के कारण प्लांट में मौजूद ऑक्सीजन खत्म हो गई, जिसके चलते रविवार की रात एक सिलिंडर से कई मरीजों को ऑक्सीजन दी गई।
कोरोना की दूसरी लहर आने पर ऑक्सीजन न मिलने की वजह से कई लोगों की मौत हो गई थी। तब ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए गेल इंडिया ने जिला अस्पताल में प्लांट लगाया। मगर, अब तक टेक्नीशियन की तैनाती नहीं हो सकी। टेक्नीशियन न होने की वजह से ऑक्सीजन प्लांट शुरू करने की जिम्मेदारी दो वार्ड ब्वॉय को दी गई है। दिवाली पर इन कर्मचारियों के छुट्टी पर चले जाने से चार दिन तक ऑक्सीजन प्लांट बंद रहा। एक-दो दिन प्लांट में मौजूद ऑक्सीजन से मरीजों को सप्लाई दी गई, लेकिन उसके ऑक्सीजन खत्म हो गई।
रविवार रात इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों को सांस लेने में दिक्क्त हुई। मरीजों को दिक्कत हुई तो उन्होंने इसकी शिकायत ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों से की। उधर, प्लांट में ऑक्सीजन खत्म हो जाने से कर्मचारी भी परेशान हो उठे। कई मरीजों को एक सिलिंडर से ऑक्सीजन दी गई। सोमवार की सुबह संबंधित स्टाफ के पहुंचने पर उन्होंने प्लांट शुरू किया। इसके बाद मरीज और स्टाफ ने राहत की सांस ली।
तीमारदार ने रुपये देकर साफ कराया शौचालय
जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का अंबार है। वार्ड और शौचालय गंदगी से भरे पड़े हैं। वहां भर्ती मरीज और तीमारदार गंदे शौचालय में जाने को मजबूर है। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीज के परिजन ने बताया कि उन्होंने 50 रुपये देकर शौचालय साफ कराया।
चार दिन तक ऑक्सीजन प्लांट बंद रहने की जानकारी नहीं है। प्लांट चलाने के लिए कोई टेक्नीशियन नहीं है। दो वार्ड ब्वॉय को प्लांट चलाने की जिम्मेदारी दी गई है। इमरजेंसी वार्ड में गंदगी होने के बाबत स्टाफ से जवाब-तलब किया जाएगा। - डॉ. हर्षवर्धन, सीएमएस, जिला अस्पताल