लखीमपुर खीरी। डेंगू का डंक लोगों को परेशान कर रहा है। रोजाना इससे पीड़ित मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग भी लोगों को डेंगू से बचाने में नाकाम हैं। उधर, जिला अस्पताल की पैैैथालॉजी में डेंगू पुष्टि के लिए एलाइजा किट तक नहीं है। वहीं महकमे के लोग एनएस-1 की रिपोर्ट सही नहीं मानते। इस स्थिति में मरीजों की परेशानी दिन पर दिन बढ़ती जा रही है।
विभागीय अधिकारियों से लेकर पालिका प्रशासन मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर तमाम दावे कर रहा है। जबकि हकीकत जिला अस्पताल में भर्ती मरीज बयां कर रहे हैं। शासन के तमाम दिशा निर्देशों के बावजूद जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी हैं। इससे मरीजों को दिक्कतें हो रही हैं। आलम यह है कि जिले में डेंगू के केस निरंतर बढ़ रहे हैं। पैथालॉजी में इसकी पुष्टि के लिए एलाइजा किट तक नहीं है। पैथालॉजी के कर्मचारी बताते हैं कि करीब एक माह से किट नहीं है। इसके लिए बार लिखा पढ़ी की गई, लेकिन आज तक नहीं आई। ऐसे में डेंगू की पुष्टि के लिए लखनऊ सैंपल भेज जा रहे हैं। इससे रिपोर्ट आने में कई दिन लग जाते हैं और मरीज परेशान होते हैं।
निजी पैथोलॉजी एनएस-1 को बता रहे डेंगू पॉजिटिव
निजी पैथालॉजी में डेंगू के लिए एनएस-1 जांच होती है। प्लेटलेट्स कम देखकर पैथोलॉजी वाले डेंगू पॉजिटिव बता रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य महकमा इस रिपोर्ट को डेंगू की पुष्टि नहीं मानता। विभागीय लोग बताते हैं कि एनएस-1 सिर्फ प्राथमिक जांच है। इसके बाद एलाइजा जांच अति आवश्यक है। इसलिए जिला अस्पताल में एनएस-1 रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद एलाइजा जांच जरूर की जाती है। इसके बाद ही डेंगू का इलाज शुरू किया जाता है।
पुरुष और महिला वार्ड में 10 का हो रहा इलाज
बुखार आने पर हरंगाव निवासी 25 वर्षीय श्रीकांत पुत्र बहादुर, मैगलगंज निवासी 65 वर्षीय रामलखन, गोला निवासी 18 वर्षीय दीपक पुत्र उदित नरायन, सीतापुर के रौसा निवासी 60 वर्षीय हजारी लाल, इमलिया निवासी 40 वर्षीय जादू, गनेशनगर निवासी 27 वर्षीय निर्भय, शिवकॉलोनी निवासी 49 वर्षीय माला पत्नी सुुभाष चंद्र मिश्रा, नौरंगाबाद निवासी 30 वर्षीय मीनाक्षी, गुलरीपुरवा निवासी 17 वर्षीय सरिता पुत्री पप्पू, नीमगांव निवासी 65 वर्षीय माधुरी पत्नी गुरुप्रसाद एवं खजुहा निवासी 71 वर्षीय जुगुदा देवी पत्नी अहिबरनलाल का इलाज चल रहा है।
डेंगू वार्ड में भर्ती है छह लोग
जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में छह लोगों का इलाज चल रहा है। इसमें मैगलगंज निवासी 27 वर्षीय अमित पुत्र काशी प्रसाद, इमली चौराहा निवासी 35 वर्षीय आरती पत्नी सुरेश स्तोगी, रामनगर निवासी 42 वर्षीय आतिश तिवारी पुत्र ब्रम्हादीन, अर्जुनपुरवा निवासी 25 वर्षीय सरिता पत्नी धर्मेंद्र कुमार, बाबूराम सराफ नगर निवासी 85 वर्षीय बाबूराम पुत्र लालता प्रसाद एवं गढ़ी रोड निवासी 32 वर्षीय अशोक पुत्र कुंवरपाल का डेंगू का इलाज चल रहा है।
जिले में मिले मरीज
डेंगू- 32
मलेरिया-108
जेई- पांच
एईएस-32
स्क्रब टायफस- पांच
डेंगू के लक्षण
1- तेज बुखार
2- सिर, मांसपेशियां एवं हड्डी व जोड़ों में दर्द
3- जी मिचलाना, उल्टी आना
ऐसे करें बचाव
1- शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े जैसे पूरी बाजू की शर्ट और पैंट।
2- डेंगू मच्छर सुबह, शाम ज्यादा सक्रिय होते हैं, इसलिए इस समय घर से बाहर निकलने से बचें।
3- मच्छरों से बचने के लिए रात में सोते समय मच्छरदानी लगाएं।
4- शाम में मच्छर से बचने के लिए लोशन आदि का प्रयोग करें।
सीएमओ डॉ. शैलेंद्र भटनागर बताते हैं कि डेंगू की प्राथमिक जांच एनएस-1 है। इसकी पुष्टि एलाइजा से होती है, क्योंकि डेंगू भी कई तरह का होता है। इसके अनुसार ही दवाएं दी जाती हैं। इसलिए एनएस-1 के पॉजिटिव आने के बाद मरीज की एलाइजा जांच अनिवार्य रूप से कराई जाती है।
हिदायतनगर के पूर्व सभासद नईम खान बताते हैं कि हमारे मोहल्ले में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। कई लोगों को डेंगू भी हो गया। बेटे के बाद हमें भी डेंगू की चपेट में आए। फॉगिंग एवं एंटीलार्वा छिड़काव कराने के लिए नगर पालिका में सूचना दी, लेकिन हुई आज तक नहीं।