इससे पहले किसानों पर क्रॉस केस दर्ज कराने वाले भाजपा सभासद सुमित जायसवाल सहित चार हत्यारोपियों की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद सोमवार को सीजेएम चिंताराम ने खारिज कर दी थी।
जमानत अर्जी पेश करते हुए सभासद सुमित जायसवाल, बनवीरपुर तिकुनिया निवासी शिशुपाल और लखनऊ निवासी नंदन सिंह बिष्ट के साथ ही कौशांबी जिले के रहने वाले सत्यम उर्फ सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने खुद को तिकुनिया कांड में गलत ढंग से फंसाये जाने की बात कही थी। उनके वकील ने बताया कि कोई सबूत उनके खिलाफ नहीं है, फिर भी उन्हें गिरफ्तार किया गया है। जमानत अर्जी का विरोध करते हुए वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी एसपी यादव ने बताया कि मामला हत्या और साजिश से संबंधित होने के साथ ही सत्र परीक्षण है, जिसमें सह अभियुक्तों की जमानत पहले ही इस अदालत से खारिज हो चुकी है। सीजेएम चिंताराम ने चारों की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद खारिज कर दी।
क्रॉस केस मामले में एक हत्यारोपी के खिलाफ जारी हुआ था एनबीडब्ल्यू
किसानों पर दर्ज कराए गए क्रॉस केस में जांच टीम की ओर से सीजेएम चिंताराम की अदालत में गैर जमानती वारंट का अनुरोध करते हुए रिपोर्ट दाखिल की गई थी कि तिकुनिया में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 220 सन 2021 में अभियुक्त रणजीत कुमार की संलिप्तता पाई जा रही है, लेकिन उसे दबिश देने के बावजूद हिरासत में नहीं लिया जा सका है। इसलिए उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया जाए। क्रॉस केस विवेचक की अर्जी को मंजूरी देते हुए सीजेएम चिंताराम ने रणजीत कुमार के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दे दिया है।