छह दौर की चली वार्ता के बाद बनी बात
शासन की ओर से भेजे गए अधिकारियों ने तिकुनिया के अग्रसेन इंटर कॉलेज में चार किसानों के शव रखकर प्रदर्शन कर रहे लोगों से सुबह होते ही बातचीत शुरू कर दी। सोमवार सुबह चार बजे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत और मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र तिकुनिया पहुंच गए। सबसे पहले उन्होंने पीड़ित परिवार से बात की।
उसके बाद सुबह साढ़े पांच बजे से बैठकों का दौर शुरू हुआ। तिकुनिया स्थित गुरु नानकदेव सिख एकेडमी में हुई पहली मीटिंग करीब एक घंटे चली। इसमें राकेश टिकैत के अलावा अन्य किसान नेताओं से कमिश्नर लखनऊ रंजन कुमार, आईजी लक्ष्मी सिंह, डीएम अरविंद चौरसिया और एसपी विजय ढुल मौजूद रहे। पांच दौर की वार्ता तक किसान अड़े रहे, हालांकि छठे दौर में दोनों पक्षों के बीच कुछ मुद्दों पर सहमति बनी और मीडिया के सामने इसकी घोषणा की गई।
कुल आठ की ही मौत: एडीजी (कानून व्यवस्था)
रविवार को बवाल में आठ लोगों की मौत की पुष्टि प्रशासन की ओर से की गई थी। इसमें चार किसान, एक मंत्री के बेटे की गाड़ी का चालक और तीन भाजपा कार्यकर्ता बताए गए थे। पत्रकार की मौत की जानकारी होने के बाद यह आंकड़ा नौ बताया जाने लगा। हालांकि एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने साफ किया कि इस प्रकरण में कुल आठ लोगों की ही मौत हुई है। मरने वालों में चार किसानों के अलावा दो भाजपा कार्यकर्ता, एक चालक और एक पत्रकार शामिल हैं।