पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के बाद रिलीज किए गए लगभग दो लाख क्यूसेक पानी से शारदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और नदी खतरे के निशान से 53 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। नदी से सटे गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सचेत किया गया है।
शनिवार को सुबह से ही बनबसा बैराज से पानी पास होने के बाद शारदा नदी का तेवर काफी विकराल हो गया और नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। दोपहर दो बजे तक बनबसा बैराज से एक लाख 97 हजार 242 क्यूसेक पानी पास किया गया था, जिसके चलते दोपहर तीन बजे तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान 154.100 से 53 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचकर 154.630 सेंटीमीटर पर पहुंच गया था।
हालांकि इसके बाद से नदी स्थिर है और बनबसा बैराज से भी पानी पास करने की कोई सूचना नहीं है। उधर रेड अलर्ट मिलने के बाद बाढ़ की आशंका को देखते हुए एसडीएम डॉ अमरेश कुमार, तहसीलदार आशीष कुमार सिंह लेखपालों की टीम के साथ नदी से सटे और समीप के गांवों में पहुंचे और ग्रामीणों को सचेत किया। गांवों में बाढ़ को लेकर मुनादी कराई गई। एसडीएम व तहसीलदार ने खुद ट्रैक्टर से बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। देर शाम तक दोनों ही अधिकारी टीम के साथ गांवों में ही थे।
एसडीएम डॉ अमरेश कुमार ने बताया कि शनिवार को आजादनगर, बर्बादनगर, मेलाघाट, कुंवरपुर कलां, खालेपुरवा, नयापुरवा, चौरी आदि गांवों का जायजा लेने के बाद यहां के ग्रामीणों को सतर्क किया गया है।
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इमलिया फार्म का रास्ता बंद, बोझवा की ठोकरों पर भरा पानी
शारदा नदी का विकराल रूप होने के बाद इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर चार फुट से ऊपर पानी चलने लगा है। जिससे यह रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। वहीं बोझवा गांव की ठोकर नंबर जीरो व एक पर भी काफी पानी भर गया है। यहां पर नाव चलने लगी है। ठोकर के पार किसानों के खेतों में जाने का रास्ता भी नदी के पानी से पूरी तरह से बंद हो गया है।
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क्षेत्र के कई गांवों का दौरा किया है, जिसमें ग्रामीणों को बाढ़ के चलते सतर्क किया गया है। अभी स्थिति फिलहाल स्थिर है और नदी भी शांत है। एहतियात के तौर पर ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा है, लेखपालों की टीम भी लगी हुई है। बाढ़ की स्थिति पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है।
-डॉ अमरेश कुमार, एसडीएम पलिया
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नेपाल की नदियों में उफान, 24 घर डूबे
धनगढ़ी (नेपाल)। पिछले कई दिनों से पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते सीमा से लगे कंचनपुर जिले की महाकाली नदी का जलस्तर बढ़ गया। जिले के दो गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है जबकि 24 घर डूब गए हैं।
कंचनपुर जिले में दोदोधरा चांदनी और भीमदत्त नगर पालिका के आसपास गांवों में पानी भर गया है। नदी का बहाव बढ़ने से दोदोधरा में निर्माणाधीन फोर लेन सड़क और पुल का ढांचा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। डीएम रामकुमार माहतो ने बताया कि पानी बहाव बढ़ने से बाढ़ टोली को सतर्क कर दिया गया है। शनिवार सुबह आठ बजे तक महाकाली नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया था। बता दें कि इस नदी का पानी बनबसा बैराज में गिरता है जो आगे जाकर पलिया क्षेत्र की शारदा नदी में आता है।
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धौरहरा में करीब 100 गांवों पर बाढ़ का खतरा
धौरहरा। बनबसा बैराज से पास किए गए पानी से तहसील धौरहरा क्षेत्र में शारदा व घाघरा नदियों के किनारे बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। तहसील प्रशासन ने गांव वालों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा है।
लगातार हो रही बारिश से गांवों में बाढ़ के हालात हैं और खेतों व तालाबों में पानी भरा है। अब और पानी पास होने से बाढ़ के हालात पैदा हो सकते है। तहसील प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए शारदा नदी किनारे बसे गांवों के लोगो को अलर्ट जारी कर दिया है और लेखपालों की मदद से नजर रखी जा रही है।
ऐसे में शारदा नदी किनारे रैनी, समदहा, चहमलपुर, खगियापुर, बेलवमोती, राजापुर भज्जा, चिकनाजती, बम्हौरी, समरदा बदाल, दुल्हामऊ, ईशापुर, जंगल नंबर 3, नंदूरा, डेबर खनवापुर, मड़वा व घाघरा किनारे बाछेपारा, बीजंहा, परसाबेली, ओझापुरवा, बेलागढ़ी, कैरातीपुरवा, रुद्रपुर समेत करीब 100 गांव प्रभावित हो सकते हैं।
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एसडीएम ने एएसपी के साथ किया निरीक्षण
धौरहरा। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के साथ एसडीएम धौरहरा रेनू ने शनिवार को तहसील क्षेत्र के बाढ़ राहत केंद्र हसनपुर कटौली व चिकनाजती का जायजा लिया। एसडीएम ने गांव वालों से कहा कि बनबसा से पानी पास किए जाने से नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, सभी लोग सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। इस दौरान क्षेत्रीय राजस्व निरीक्षक सुधीर श्रीवास्तव व रामेंद्र अवस्थी मौजूद रहे।
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बाढ़ से निपटने के लिए सात बाढ़ राहत चौकी बनीं
धौरहरा। शारदा व घाघरा नदी की बाढ़ से निपटने के लिए तहसील प्रशासन ने सात बाढ़ राहत चौकी रमियाबेहड़, ऊंचगांव, हसनपुर कटौली, चकलाखीपुर, जटपुरवा, जसवंतनगर, तहसील मुख्यालय व पांच बाढ़ राहत शिविर रमियाबेहड़ में कानूनगो आवास, ऊंचगांव में प्राथमिक विद्यालय, चकलाखीपुर में साधन सहकारी समिति, जटपुरवा में भुलनपुर प्राथमिक विद्यालय, जसवंतनगर के प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए हैं। चौधरी बेचेलाल कृषि महाविद्यालय को बाढ़ राहत शिविर के लिए अतिरिक्त में रखा गया है। 132 नाविक व 41 गोताखोर के साथ पीएसी व एनडीआरएफ टीम भी लगाई गई है।
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बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गयी है बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों में मुनादी कराकर बाढ़ की सूचना देकर सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया है।
-रेनू, एसडीएम, धौरहरा
पलिया के कुंवरपुर कलां में मुनादी के दौरान मौजूद लेखपाल व ग्रामीण। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR
पलिया के नयापुरवा में ग्रामीणों से वार्ता करते एसडीएम व तहसीलदार। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR