किशनपुर सेंक्चुअरी पूरी तरह खुलेगी, लेकिन कुछ दिनों तक सैलानी आधा दुधवा ही घूम सकेंगे। पहले एक नवंबर से शुरू होना था सत्र, बाढ़ से खराब हुए रास्तों को सुधारने के लिए बढ़ाई गई तिथि।
पिछले महीने हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण दुधवा टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र शुरू करने की तारीख एक नवंबर से बढ़ाकर 15 नवंबर कर दी गई है। यहां बता दें कि वर्तमान में दुधवा जंगल के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। रास्ते इतना ज्यादा खराब हो गए हैं कि उन्हें दुरुस्त करने में काफी समय लग रहा है। ऐसे में 15 नवंबर से सैलानी पूरे दुधवा भ्रमण का लुत्फ उठा पाएंगे, अभी इसमें संदेह है।
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इस बार दुधवा टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र 15 नवंबर की बजाय एक नवंबर से ही शुरू होना था। पर्यटन सत्र शुरू होने से दस दिन पहले लगातार तीन दिन हुई भारी बारिश और उसके बाद नदियों में आई बाढ़ का पानी दुधवा जंगल के बड़े हिस्से में भर गया। सैलानियों को भ्रमण कराने के रास्ते भी बुरी तरह खराब हो गए। इसके चलते दुधवा के पर्यटन सत्र को फिर एक नवंबर की बजाय 15 नवंबर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
जंगल में पानी कम होने के साथ ही रास्तों की मरम्मत का काम तेजी से शुरू हुआ, लेकिन अधिकांश रास्ते पूरी तरह खराब हो गए हैं, जिन्हें ठीक करने में काफी समय लग रहा है। सैलानियों को भ्रमण कराने वाले सभी रास्ते अगले दस दिनों में ठीक करा पाना मुश्किल है। ऐसी दशा में दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन 15 नवंबर से केवल उन्हीं रास्तों पर सैलानियों को जाने देगा जो रास्ते पूरी तरह दुरुस्त कर लिए गए हैं। जंगल के जिन हिस्सों में अभी जलभराव की स्थिति है वहां सैलानियों को नहीं ले जाया जाएगा।
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दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक कैलाश प्रकाश का कहना है कि सैलानियों के भ्रमण के रास्तों की मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है। प्रयास है कि यह काम 15 नवंबर से पहले पूरा कर लिया जाए, लेकिन हालात को देखते हुए ऐसा संभव नहीं लग रहा है। फिलहाल किशनपुर सैंक्चुरी सैलानियों के लिए पूरी तरह खोल दी जाएगी, लेकिन दुधवा में कुछ दिनों तक केवल 50 प्रतिशत ही भ्रमण हो सकेगा। दुधवा टाइगर रिजर्व में नए पर्यटन सत्र की तैयारियों को लेकर नौ नवंबर को बैठक होने जा रही है। इस बैठक में परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिया जाएगा।
दुधवा टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र 15 नवंबर से शुरू होना है। पिछले दिनों आई भीषण बाढ़ से जंगल के अधिकांश रास्ते खराब हो गए हैं। इनकी मरम्मत का काम तेजी से हो रहा है, लेकिन 15 नवंबर तक सभी रास्ते दुरुस्त हो पाएंगे, अभी इसमें संदेह है। ऐसी दशा में सैलानियों के भ्रमण क्षेत्र को कुछ समय के लिए सीमित किया जा सकता है।