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मनोज हत्याकांड : पीड़ित परिवार के समर्थन में उतरा रोजगार सेवक संघ

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मितौली बीडीओ को ज्ञापन सौंपता रोजगार सेवक संघ। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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मितौली (लखीमपुर खीरी)। रक्षाबंधन के ठीक एक दिन पहले शनिवार रात हुई पंचायत मित्र मनोज की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मृतक और पीड़ित परिवार के समर्थन में उतरे रोजगार सेवक संघ ने परिवार को न्याय दिलाने के लिए मोर्चा खोल दिया है। उधर, मृतक के पिता ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस अगर ढिलाई नहीं बरतती तो आज उनका बेटा जिंदा होता। उन्होंने ग्राम प्रधान और हल्का इंचार्ज पर हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है।
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यहां बता दें कि मितौली ब्लॉक की ग्राम पंचायत रसूलपुर के ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) की शनिवार रात उस समय गांव के बाहर हत्या कर दी गई थी, जब वह ब्लॉक से काम निपटा कर अपने गांव कमलापुर जा रहा था। इस दौरान चुनावी रंजिश के चलते पहले से ही घात लगाए बैठे लोगों ने उसे घेर कर लाठी-डंडों व बांके से वार कर मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले में मृतक मनोज के पिता त्रिवेणी की तहरीर पर गांव के ही अमरजीत (सफाई कर्मी) सुरेश, बालगोविंद व रवित के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। इसमें पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि रवित की तलाश की जा रही है।
घटना से लेकर नाराज रोजगार सेवक संघ ने बुधवार को मितौली ब्लॉक सभागार में एक शोक सभा कर मनोज को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अध्यक्षता बीडीओ चंदन देव पांडे ने की। श्रद्धांजलि सभा को एपीओ मनरेगा मधुर गुप्ता, एडीओ एसटी मुन्नालाल रोजगार सेवक संघ के अध्यक्ष सुधाकर मिश्रा, महामंत्री आशुतोष मिश्रा, उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह, सोशल ऑडिट कोऑर्डिनेटर नितिन सिंह, वीडीओ मीतू मिश्रा आदि ने संबोधित किया।
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श्रद्धांजलि सभा के बाद रोजगार सेवक संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक पांच सूत्री ज्ञापन बीडीओ चंदन देव पांडे को सौंपा। रोजगार सेवक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष सुधाकर मिश्रा ने बताया की मनोज के हत्यारों पर रासुका लगाने, परिवार को सुरक्षा, मुआवजा दिलाने और मृतक आश्रित को नौकरी दिए जाने की मांग की गई है। साथ ही हत्यारोपी सफाई कर्मी अमरजीत को बर्खास्त किए जाने, मनोज के परिवार को 50 लाख मुआवजा मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दिए जाने, ईपीएफ व बीमा का भुगतान कराए जाने, ग्राम रोजगार सेवकों की ट्रांसफर नीति बनाकर विकासखंड स्तर पर ट्रांसफर किए जाने की मांग के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया है।
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चुनावी रंजिश में हुई थी मनोज की हत्या
परिजन का कहना है कि हत्या का कारण पंचायत चुनाव की पुरानी रंजिश है। बताते हैं कि मनोज पर हमला करने वालों में शामिल अमरजीत सफाई कर्मी के पद पर तैनात है। मृतक मनोज व आरोपी पक्ष दोनों अनुसूचित जाति के हैं। 2015 के पंचायत चुनाव में पड़ोसी गांव रसूलपुर के रहने वाले सतीश भार्गव व अमरजीत के पिता दृगपाल ने पंचायत चुनाव लड़ा था। जिसमें मनोज ने सतीश की मदद की थी। और अमरजीत के पिता का साथ नही दिया था। 2015 के पंचायत चुनाव में सतीश को जीत मिली थी, जिसके बाद से अमरजीत और मनोज की आपस में ठन गई थी।और 2015 में ही मनोज के पिता से मारपीट हुई, उसके बाद 2018 में मनोज से मारपीट हुई। फिर 2019 और 2020 में भी दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इसी तरह दोनों पक्षों में आए दिन मारपीट हुआ करती थी। इस बार हुए पंचायत चुनाव में प्रधान पद पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षित होने के कारण दोनों पक्षों ने अपने-अपने प्रत्याशियों को खड़ा किया था। जिसमें सफाई कर्मी की तरफ के मनोज यादव (वर्तमान प्रधान) की जीत हुई थी। चूंकि मृतक मनोज गांव में ही बतौर पंचायत मित्र तैनात था। इस चुनावी खुन्नस के कारण प्रधान व पंचायत मित्र के बीच आपसी सामंजस्य नहीं बन पा रहा था। बाद में प्रधान व मनोज ने समझौता कर लिया। यही बात सफाई कर्मी पक्ष को अखर गयी और उसने प्लॉन बनाकर मनोज को ही रास्ते से हटाने का फैसला ले लिया।
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कई बार दर्ज हुए दोनों पक्षों पर मुकदमे
मितौली। मृतक के परिजन ने बताया कि मनोज और अमरजीत में खन्नस 2015 के पंचायत चुनाव से शुरू हुई। सबसे पहले 2015 में ही अमरजीत ने मनोज के पिता त्रिवेणी प्रसाद से मारपीट की थी। जिसमे उनको काफी चोटें आईं थी और कई धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद 2018 में अमरजीत ने मनोज पर हमला कर दिया था। जिसमें मनोज को काफी चोटें आईं थी। जिसमें पुलिस ने कर्रवाई की। इतना ही नहीं 2019 और 2020 में भी दोनों पक्षों में कई बार मारपीट हुई, जिसमें पुलिस ने दोनो पक्षों पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की। वहीं, मृतक के पिता त्रिवेणी प्रसाद ने आरोप लगाते हुए बताया कि अगर पुलिस ने पहले कोई कठोर कार्रवाई की होती तो शायद उनके बेटे की जान बच जाती। वही पुलिस का कहना है कि अक्सर दोनों पक्षों के बीच गाली गलौज व मारपीट की शिकायतें मितौली थाने में की जाती रही रहीं, जिसमे पुलिस ने हत्या के प्रयास व शांति भंग की आशंका आदि धाराओं में दोनों पक्षों के लोगों को नामित किया भी था।
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प्रधान और हलके के सिपाही पर साजिश रचने का आरोप
मितौली। परिजन तथा पंचायत मित्र संघ ने एक स्वर में हत्या की साजिश में प्रधान व हलके की सिपाही की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई की एसपी से मांग की है। आरोप है कि सिपाही जयप्रकाश ने मृतक मनोज से गाली गलौज करने के साथ उसे डराया धमकाया था। इस बात की जानकारी उसने पत्नी और मां को भी दी थी। यही नहीं आरोप है कि प्रधान भी प्रताड़ित करता था जिससे मनोज अक्सर तनाव में रहता था।
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तीन आरोपी भेजे जा चुके जेल
मुख्य आरोपी सहित तीन आरोपियों को पुलिस कर गिरफ्तार जेल भेज चुकी है। बालगोविंद और सुरेश को घटना के अगले दिन सुबह ही रसूलपुर मोड़ पर गिरफ्तार कर लिया गया था और उनकी निशानदेही पर आला कत्ल बांका व लाठी भी बरामद की गई, जबकि मुख्य आरोपी अमरजीत को पुलिस टीम ने लखीमपुर रोड पर दानपुर मोड़ से दबोचा था। अमरजीत की निशानदेही पर मूसेपुर रोड पर एक खेत के पास झाड़ियों से आला कत्ल बांका भी बरामद किया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को सोमवार को जेल भेज दिया।
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पांच दिन बाद भी एक आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर
मनोज की हत्या के पांच दिन बाद भी हत्या में नामित आरोपी रवित की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। बताते हैं कि आरोपी रवित हत्यारोपी अमरजीत का दोस्त है। साथ ही साथ वह स्नातक की पढ़ाई भी कर रहा है। रवित की गिरफ्तारी को लेकर स्थानीय पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है लेकिन उसके हाथ खाली हैं।
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एसपी ने अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की थीं, जिसमें तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जल्द ही रवित को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।
- संदीप कुमार सिंह, सीओ, मितौली
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जिला रोजगार सेवक संघ मनोज के परिजन को उचित न्याय दिलाएगा, चाहे इसके लिए प्रदेश के सभी रोजगार सेवको को सड़कों पर ही क्यों न उतरना पड़े।
-सुधाकर मिश्रा, अध्यक्ष, मितौली ब्लॉक रोजगार सेवक संघ
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ब्लॉकों पर प्रदर्शन, कहा- दोषी सफाई कर्मी बर्खास्त हो
लखीमपुर खीरी। पंचायत मित्र मनोज कुमार की हत्या के विरोध में ग्राम रोजगार सेवक संघ के प्रांतीय आह्वान पर बुधवार को सभी ब्लॉकों में धरना प्रदर्शन किया गया। डीएम को संबोधित मांग पत्र बीडीओ को सौंपा गया। प्रदर्शन के दौरान रोजगार सेवकों ने हत्यारोपी सफाईकर्मी अमरजीत को बर्खास्त करने की मांग जोर-शोर से उठाई और मृतक आश्रित परिजन को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से 50 लाख का मुआवजा देने की मांग की।
लखीमपुर ब्लॉक में अध्यक्ष मुनीश वर्मा की अगुवाई में श्रद्धांजलि/शोक सभा की गई, जिसके बाद सभी रोजगार सेवक धरने पर बैठ गए। मितौली पुलिस पर मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद पांच सूत्री ज्ञापन बीडीओ पीयूष कुमार सिंह को सौंपा। उधर, फूलबेहड़ ब्लॉक में भी रोजगार सेवकों ने धरना प्रदर्शन किया। हत्यारों पर रासुका लगाने की मांग उठाई। ईपीएफ व बीमा का भुगतान करने, ग्राम रोजगार सेवकों का स्थानांतरण करने की मांग की। इस दौरान संस्थापक अध्यक्ष समीर, जिला संरक्षक भगवती प्रसाद मिश्र, ब्लॉक अध्यक्ष विक्रमादित्य शुक्ल, छोटे लाल मौजूद रहे।
निघासन। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ ने मनोज की हत्या के विरोध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन बीडीओ राकेश कुमार को सौंपा। इस मौके पर संघ उपाध्यक्ष संजय गुप्ता, आशीष कनौजिया, समीर, मुश्ताक, टीआर यादव, सुरजीत आदि लोग मौजूद रहे।
बांकेगंज। ग्राम रोजगार संघ की बांकेगंज ब्लॉक इकाई के रोजगार सेवकों ने बीडीओ अमित सिंह को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें रोजगार सेवकों ने मितौली थाना क्षेत्र में चार दिन पहले रसूलपुर के पंचायत मित्र की हत्या के मामले में शामिल आरोपियों पर रासुका लगाने की मांग की। इस मौके पर रोजगार सेवक अजय यादव, कुलवीर, विनोद, उदयभान, विपिन, सत्यपाल, सुमनपाल, संजीव, रजनीश, एपीओ अमर प्रसाद, शाबान, प्रमोद वर्मा मौजूद रहे। संवाद

मृतक मनोज का परिवार। संवाद- फोटो : LAKHIMPUR

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